• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शिवलिंग पर चढ़ा हुआ प्रसाद नहीं करना चाहिए ग्रहण, जानें इसके पीछे की मान्यता

Writer D by Writer D
22/02/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shivling

shivling

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा-पाठ के बाद प्रसाद अवश्य ग्रहण करना चाहिए। प्रसाद ग्रहण करना बहुत शुभ होता है। प्रसाद ग्रहण करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग (Shivling) पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण नहीं किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण क्यों नहीं किया करना चाहिए। और इसके पीछे क्या कारण है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव के एक गण हैं, जिनका नाम चंदेश्वर है। चंदेश्वर भूत-प्रेतों के प्रधान भी माने जाते हैं। शिवलिंग (Shivling) पर जो प्रसाद चढ़ाया जाता है वो इन्हीं चंदेश्वर को समर्पित होता है। इस वजह से शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद में नकारात्मकता आ जाती है। इसलिए मिट्टी, पत्थर या फिरी चीनी मिट्टी से बने शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को कभी भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।

मूर्ति पर चढ़ाया गया प्रसाद किया जा सकता है ग्रहण

हालांकि चांदी, पीतल और तांबे के शिवलिंग (Shivling) के प्रसाद को ग्रहण किया जा सकता है। चांदी, पीतल और तांबे के शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण करने से कोई नुकसान नहीं होता। साथ ही शिव जी की मूर्ति पर चढ़ाया गया प्रसाद खाया जा सकता है। ये प्रसाद शुभ होता है। मान्यता है कि भगवान शिव की मूर्ति पर चढ़ा प्रसाद खाने से पाप नष्ट हो जाते हैं।

प्रसाद को नदी में कर देना चाहिए प्रवाहित

मिट्टी, पत्थर या फिर चीनी मिट्टी से बने शिवलिंग (Shivling) पर चढ़ाए गए प्रसाद को किसी बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। ऐसा करने से कोई दोष नहीं लगता। लोग कई बार घर में ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उसका पूजन करते हैं उस पर प्रसाद भी चढ़ाते हैं। मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग पर जो प्रसाद चढ़ाया जाता है उसको भी ग्रहण करने से बचना चाहिए। मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को भी बहती नदी के जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

Tags: Astrologyshivling
Previous Post

महाशिवरात्रि के दिन करें रुद्राभिषेक, जीवन में होगा सुख-समृद्धि का आगमन

Next Post

कब है फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Tejasvi Surya
Main Slider

तेजस्वी सूर्या बने कांवड़िया, हरकी पैड़ी से ऋषिकेश तक करेंगे 26 किमी की पदयात्रा

07/08/2026
cm dhami
Main Slider

धामी सरकार की पहल: प्रतिकूल मौसम को छोड़ वर्षभर होगी आदि कैलाश यात्रा

07/08/2026
Sadhus and saints protest outside Rahul Gandhi's residence.
Main Slider

राहुल गांधी के आवास के बाहर साधु-संतों का हंगामा, पुलिस ने किया डिटेन

07/08/2026
Heavy Rain
Main Slider

यूपी के कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, इन इलाकों में हो सकती है मूसलाधार बारिश

07/08/2026
Yukesh Singh
Main Slider

उमाशंकर सिंह के बाद बेटे प्रिंस सिंह पर टिकी निगाहें, मायावती के बयान से बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

07/08/2026
Next Post
Pradosh Vrat

कब है फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

यह भी पढ़ें

किसान आंदोलन के मद्देनजर पंजाब में 14 ट्रेनों के परिचालन पर लगी ब्रेक

24/09/2020
37 हजार सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र

यूपी के युवाओं को बड़ा उपहार , योगी सरकार शुरू करेगी ‘मिशन रोजगार’

11/11/2020
RBI

RBI ने किया अलर्ट, फटाफट लोन देने वाले एप्स से रहे सावधान

24/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version