• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज से होलाष्टक, इन मांगलिक कार्यों में लग जाएगी ब्रेक

Writer D by Writer D
07/03/2025
in धर्म, Main Slider, फैशन/शैली
0
Holashtak

Holashtak

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

होली के तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। होलिका दहन से 8 दिन पहले होलाष्टक (Holashtak) यानि कि शुक्रवार से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएंगे। इसके चलते होलिका दहन तक शुभ कार्यों पर ब्रेक रहेगा। होलाष्टक हर साल फाल्गुन में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक शुरू होता है और पूर्णिमा यानी होलिका दहन तक रहता है। इस बार सात मार्च से होलाष्टक शुरू होगा। इस दौरान विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 13 मार्च को होलाष्टक समाप्त होगा तथा इस दिन होलिका दहन भी होगा।

होलाष्टक (Holashtak) की सनातन परंपरा की मान्यता के अनुसार होली के पहले आठ दिनों यानी अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक विष्णु भक्त प्रह्लाद को काफी यातनाएं दी गई थीं। प्रह्लाद को फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी को ही हिरण्यकश्यप ने बंदी बनाया था। उसे जान से मारने के लिए तरह-तरह की यातनाएं दी गईं। यातनाओं से भरे उन आठ दिनों को ही अशुभ मानने की परंपरा बन गई। होलाष्टक की अवधि में नामकरण, जनेऊ, शादी, भूमि पूजन, गृह प्रवेश या कोई नया व्यवसाय शुरू करना वर्जित होता है।

हर साल फाल्गुन में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक शुरू होता है और पूर्णिमा यानी होलिका दहन तक रहता है। होली से ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाता है, जिसमें शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इस बार सात मार्च से होलाष्टक शुरू होगा। इस दौरान विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 13 मार्च को होलाष्टक समाप्त होगा तथा इस दिन होलिका दहन भी होगा। होलाष्टक के विषय में कई धार्मिक मान्यताएं हैं। एक मान्यता यह भी है कि होलाष्टक की शुरुआत वाले दिन ही शिवजी ने कामदेव को भस्म कर दिया था। इस काल में हर दिन अलग-अलग ग्रह उग्र रूप में होते हैं, इसलिए होलाष्टक में शुभ कार्य नहीं करते हैं। परंतु, जन्म और मृत्यु के बाद किए जाने वाले कार्य इसमें किए जा सकते हैं।

होलाष्टक (Holashtak) का वैज्ञानिक आधार-

होलाष्टक के दौरान मौसम के परिवर्तन के कारण मन अशांत, उदास और चंचल रहता है। इस दौरान मन से किए हुए कार्यों के परिणाम शुभ नहीं होते हैं, इसलिए जैसे ही होलाष्टक समाप्त होता है रंग खेल कर हम आनंद में डूबने का प्रयास करते हैं।

Tags: Holashtak
Previous Post

होलिका दहन पर भद्रा का साया, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Next Post

जानें कब होगा होलिका दहन, नोट करें पूजा का मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Paneer Korma
खाना-खजाना

विकेंड को लाजवाब बनाएगी ये डिश, मेहमान भी कह उठेंगे वाह

10/04/2026
Suji-Aloo Masala Puri
खाना-खजाना

दिन की शुरुआत करें इस मजेदार डिश से, आएगा जबरदस्त मजा

10/04/2026
एप्पल साइडर विनेगर
फैशन/शैली

अस्थमा को कम करता है सेब का जूस, जानें कैसे

10/04/2026
CM Dhami
Main Slider

चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सख्त एक्शन प्लान, सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: CM धामी

09/04/2026
CM Dhami
Main Slider

सैनिकों की वर्दी केवल परिधान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और गौरव का प्रतीक होती है: धामी

09/04/2026
Next Post
Holika Dahan

जानें कब होगा होलिका दहन, नोट करें पूजा का मुहूर्त

यह भी पढ़ें

झील बचाओ अभियान Save the lake campaign

जमुना झील और मोतीझील को बचाने की लड़ाई हुई तेज

10/01/2021
AK Sharma

ऊर्जा मंत्री ने लॉप्लॉस बिजली उपकेंद्र के जेई को किया निलंबित, अधिकारियों की लगाई क्लास

03/02/2023
UP Board

यूपी बोर्ड एग्जाम की तारीख का एलान, जानें कब से शुरू होगी परीक्षा

05/11/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version