• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वट सावित्री व्रत में महिलाएं करती हैं बरगद के पेड़ की पूजा, जानें इसका महत्व

Writer D by Writer D
16/04/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो कि इश साल 26 मई 2025 को रखा जाएगा। इस दिन ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या है, जो व्रत को और भी अधिक शुभ बनाती है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, परिक्रमा करती हैं और सावित्री की कथा सुनती हैं। इस दिन महिलाएं पूजा के बाद सुहाग सामग्री का दान भी करती हैं। इस साल वट सावित्री व्रत के दिन शनि जयंती का योग भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और अधि बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि वट सावित्री पूजा में महिलाएं बरगद की पूजा क्यों करती हैं और बरगद की पूजा करने से क्या फल मिलता है?

बरगद के पेड़ की पूजा वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में क्यों की जाती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं भगवान शिव का वास होता है। वट वृक्ष की लटकती हुई शाखाओं को सावित्री स्वरूप माना जाता है। इसलिए वट वृक्ष की पूजा करके महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए कामना करती हैं।

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा करने की मुख्य मान्यता यही है कि यह पेड़ त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार, सावित्री ने बरगद के पेड़ के नीचे ही यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांगे थे, जिससे प्रसन्न होकर यमराज उनके पति को पुनर्जीवित किया था।

बरगद के पेड़ की पूजा करने के क्या लाभ हैं?

नीचे कुछ और कारण दिए गए हैं कि वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है:

त्रिमूर्ति का प्रतीक:- बरगद के पेड़ की जड़ें ब्रह्मा, तना विष्णु, और शाखाएं शिव का प्रतिनिधित्व करती हैं।

सावित्री-सत्यवान की कहानी:- सावित्री ने पति सत्यवान के प्राणों के लिए बरगद की पूजा की थी, जिससे यह पेड़ सौभाग्य का प्रतीक बन गया।

अखंड सौभाग्य और संतान सुख:- मान्यता है कि बरगद के पेड़ की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

पति की लंबी आयु:- वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा करने से पति की लंबी आयु की कामना की जाती है।

मनोकामना पूर्ति:- धार्मिक मान्यता है कि बरगद के पेड़ के नीचे पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

Tags: vat savitri
Previous Post

इस चीज से मिलेगा स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा

Next Post

पूजा के समय में न कर ये गलतियां, जानें क्या है सही नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

फैशन/शैली

पेट दर्द का अचूक इलाज है काला नमक, जानें और भी फायदे

31/08/2025
Use of amchur
फैशन/शैली

स्वाद के साथ स्वस्थ के लिए भी फायदेमंद होता है अमचूर

31/08/2025
फैशन/शैली

इस बीमारी में बेहद फायदेमंद होता है कच्चा केला, जानें जरूर

31/08/2025
फैशन/शैली

हनीमून पर जाने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है ये स्थान, कपल्स की पहली पसंद

31/08/2025
Aloe Vera
फैशन/शैली

सुबह खाली पेट करें इसका सेवन, ये बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

31/08/2025
Next Post
Worship

पूजा के समय में न कर ये गलतियां, जानें क्या है सही नियम

यह भी पढ़ें

PM Modi

डॉक्टर ने पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों पर किया केस, जारी हुआ समन

01/09/2022
Murder

दिनदहाड़े पूर्व बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या, हत्यारे फरार

11/02/2021
Suicide

जूनियर रेजिडेंट ने किया आत्महत्या का प्रयास

30/03/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version