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सीता नवमी कब है, जानें पूजा-विधि

Writer D by Writer D
21/04/2025
in धर्म, फैशन/शैली
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Sita Navami

Sita Navami

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सीता नवमी (Sita Navami) एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है। हिंदू धर्म में सीता नवमी का खास महत्व होता है। सीता नवमी भगवान राम की पत्नी और आदर्श भारतीय नारी, माता सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन मां सीता की विशेष रूप से उपासना की जाती है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता इसी दिन धरती से प्रकट हुई थीं। इसीलिए इस दिन को सीता जयंती या सीता नवमी के तौर पर मनाते हैं। इसको जानकी नवमी के नाम से भी जाना जाता है। मां सीता की पूजा करने से हमें जीवन में सुख, समृद्धि और सदाचार प्राप्त होता है।

सीता नवमी डेट- 5 मई, सोमवार को सीता नवमी है।

मुहूर्त-

नवमी तिथि प्रारम्भ – मई 05, 2025 को 07:35 ए एम बजे

नवमी तिथि समाप्त – मई 06, 2025 को 08:38 ए एम बजे

सीता नवमी मध्याह्न मुहूर्त – 10:58 ए एम से 01:38 पी एम

अवधि – 02 घण्टे 40 मिनट्स

सीता नवमी मध्याह्न का क्षण – 12:18 पी एम

सीता नवमी (Sita Navami) का महत्व-

माता सीता को आदर्श पतिव्रता और त्याग की प्रतिमूर्ति माना जाता है। इस दिन मां सीता की पूजा करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और स्नेह बढ़ता है।

पूजा-विधि:

सीता नवमी (Sita Navami) के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को साफ करके गंगाजल से धो लें। भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें। रोली, चंदन, अक्षत, फूल, फल, मिठाई, धूप, दीप आदि अर्पित करें। इसके बाद माता सीता और भगवान राम की आरती गाएं। तब सीता नवमी व्रत कथा का पाठ करें। फिर व्रत रखें और पूरे दिन भगवान का ध्यान करें। शाम को फिर से पूजा करें और लोगों को प्रसाद बांटें।

Tags: sita navami
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