• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस खास विधि से करें पूजा, बप्पा होंगे प्रसन्न

Writer D by Writer D
16/05/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Sankashti Chaturthi

Sankashti Chaturthi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

संकष्ठी चतुर्थी (Ekdant Sankashti Chaturthi) के व्रत विघ्न हर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। भगवान गणेश को कई नाम से जाना जाता है एकादंता संकष्टी चतुर्थी बप्पा के एकादंता नाम को समर्पित हैं। पंचांग के अनुसार, जेष्ठ माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। यह तिथि बप्पा को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की दीर्घायु के और तरक्की के लिए पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने वालों को जीवन की सभी परेशानियों और विघ्नों से छुटकारा मिलता है।

एकादंता संकष्टी चतुर्थी (Ekdant Sankashti Chaturthi) पूजा विधि

एकादंता संकष्टी चतुर्थी (Ekdant Sankashti Chaturthi) के दिन भगवान गणेश की पूजा करने के लिए सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल की साफ-सफाई करने के बाद गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उसके बाद मूर्ति का गंगाजल से या शुद्ध जल से अभिषेक करें। उन्हें लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और हल्दी, चंदन और कुमकुम से श्रृंगार करें। फिर भगवान गणेश को प्रिय दुर्वा,घास, पीले और लाल रंग के फूल चढ़ाएं। सके बाद दीप और धूप प्रज्वलित कर आरती करें। पूजा के दौरान ॐ गं गणपतये नमः अथवा ॐ वक्रतुण्डाय हुं मंत्रों का जप करें। व्रत कथा का पाठ करें और चंद्रोदय के बाद अर्घ्य दें।

एकदंत संकष्टी चतुर्थी (Ekdant Sankashti Chaturthi) व्रत का महत्व

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार गणेश जी पर भगवान परशुराम में अपने फरसे से प्रहार कर दिया था, जिससे उनका एक दांत टूट गया। तब से ही गणेश जी को एकदंत कहा जाता है। एकदंत संकष्टी पर पूजा और व्रत करने से सारे संकट दूर होते हैं। मान्यता यह भी है कि इस संकष्टी व्रत से सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।

Tags: Ekdant Sankashti Chaturthi
Previous Post

निर्जला एकादशी में इस तरह से जल पीने पर खंडित नहीं होगा आपका व्रत, जानें नियम

Next Post

शनि जयंती कब है, यहां जानें पूजा विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Karela Juice
फैशन/शैली

डायबिटीज को कंट्रोल करता है ये जादुई जूस, जानें बनाने का तरीका

28/07/2026
CM Dhami
Main Slider

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला : मुख्यमंत्री

27/07/2026
Main Slider

सफलता का आधार केवल अंक नहीं, चरित्र और संस्कार भी जरूरी : बंशीधर तिवारी

27/07/2026
AK Sharma
Main Slider

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जनता को बेहतर बिजली देना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: एके शर्मा

27/07/2026
CM Dhami
Main Slider

प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

27/07/2026
Next Post
Shani Jayanti

शनि जयंती कब है, यहां जानें पूजा विधि

यह भी पढ़ें

black rice

बुद्ध के ‘प्रसाद’ काला चावल की खुशबू से महक रहा है पूर्वांचल, बढ़ा खेती का क्षेत्रफल

05/06/2021
EPFO

मोदी सरकार 12 घंटे करेगी ऑफिस के घंटे, बदलेंगे पीएफ और रिटायरमेंट के नियम

10/12/2020
CM Dhami met Nirmala Sitharaman

सीएम धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात

14/05/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version