• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बिहार वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन: चुनाव आयोग को ‘सुप्रीम’ राहत, कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार

Writer D by Writer D
10/07/2025
in Main Slider, बिहार, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Supreme Court

Supreme Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली/पटना: बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Voter List Verification) कार्यक्रम यथावत जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चुनाव आयोग के इस अभियान को हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को सुप्रीम अदालत ने वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद यह बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन (मतदाता सूची सत्यापन) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे चुनाव आयोग को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, कोर्ट (Supreme Court)  ने नागरिकों की पहचान के लिए मान्य दस्तावेजों में आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी को शामिल करने का सुझाव दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया मनमानी और भेदभावपूर्ण

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया देर से शुरू की है। उन्होंने कहा कि आयोग आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं कर रहा, जबकि पूरा देश आधार के पीछे “पागल” हो रहा है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया नागरिकता की जाँच करने जैसी है, जो भेदभावपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चुनाव आयोग से पूछा कि उसने बिहार में SIR प्रक्रिया इतनी देर से क्यों शुरू की। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन इसे चुनाव से महीनों पहले ही शुरू कर देना चाहिए था। साथ ही, अदालत ने कहा कि यह मामला लोकतंत्र की जड़ और मतदान के अधिकार से जुड़ा है।

चुनाव आयोग के वकील ने स्पष्ट किया कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसका मकसद किसी को मतदाता सूची से बाहर करना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता ही नहीं होंगे, तो हमारा अस्तित्व ही नहीं है। हम धर्म, जाति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं करते।

Tags: Bihar electionbihar newsbihar voter verificationdelhi newsSupreme Court
Previous Post

सीएम धामी ने ग्राउंडिंग सेरेमनी आयोजन की तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए

Next Post

भगवान राम, कृष्ण व शंकर के बिना भारत का पत्ता भी नहीं हिल सकता :सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Sugar
फैशन/शैली

अब चीनी नहीं आज़माएं ये, स्वाद और हेल्थ दोनों होंगे बेहतर

06/05/2026
Vat Savitri Vrat
Main Slider

इस दिन रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

06/05/2026
फैशन/शैली

ये पैक ऑइली स्किन पर लाएगा जादुई निखार

06/05/2026
garden
Main Slider

पौधों को कीड़े-मकोड़ों से बचाता है ये पाउ़डर, ऐेसे करें इस्तेमाल

06/05/2026
AK Sharma
Main Slider

शिक्षामित्रों का मान-सम्मान और जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : ए.के. शर्मा

05/05/2026
Next Post
CM Yogi addressed the Guru Purnima festival

भगवान राम, कृष्ण व शंकर के बिना भारत का पत्ता भी नहीं हिल सकता :सीएम योगी

यह भी पढ़ें

Pushkar Singh Dhami

चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं 15 अप्रैल तक कर लें पूरा: सीएम धामी

22/03/2023

मणिकर्णिकाघाट पर चिता भस्म होली की तैयारी

13/03/2022
Shekhar Suman Malind Soman Nude Photo

मिलिंद सोमन की न्यूड फोटो पर आया शेखर सुमन का रिएक्शन

08/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version