• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और साउथ एशिया फाउंडेशन नेपाल के बीच हुआ एमओयू

Jai Prakash by Jai Prakash
27/07/2025
in अंतर्राष्ट्रीय, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय, शिक्षा, सिद्धार्थनगर
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सिद्धार्थनगर। लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, लुंबिनी नेपाल में चल रही दो दिवसीय के प्रथम दिन “डिप्लोमेसी एंड बुद्धाज टीचिंग: ए पाथ टू ग्लोबल पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” सिम्पोजियम के उद्घाटन समारोह के दौरान सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु उत्तर प्रदेश भारत और साउथ एशिया फाउंडेशन नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की कुलपति प्रो. कविता शाह और साउथ एशिया फाउंडेशन मानद महासचिव राहुल बरुआ द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस साझेदारी के अंतर्गत साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस रिसर्च एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट की स्थापना की जाएगी, जो शांति, बौद्ध अध्ययन एवं सतत विकास पर संयुक्त अनुसंधान एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करेगा। यह पहल वैश्विक शांति और विकास के लिए बौद्ध शिक्षाओं की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नया आयाम प्रदान करेगी। इस अवसर पर प्रो. कविता शाह ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी दो सहस्राब्दी पहले थीं। इस एमओयू के माध्यम से हमारा उद्देश्य इन्हें वैश्विक शांति एवं टिकाऊ विकास के संदर्भ में पुनः स्थापित करना है। विश्वविद्यालय के नैक समन्वयक प्रो सौरभ ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य दक्षिण एशियाई क्षेत्र में बौद्ध दर्शन, शांति अध्ययन एवं सतत विकास के क्षेत्र में सहयोगात्मक शोध कार्यों को गति देना है। यह केंद्र छात्र, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक संवाद को बल मिलेगा। इस कार्यक्रम में नेपाल, भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों के बौद्ध विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

Previous Post

डिप्टी सीएम को 24 घंटे के अंदर गोली मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

Next Post

बुंदेलखंड का समग्र विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

Jai Prakash

Jai Prakash

District Correspondant Siddharthnagar www.24GhanteOnline.com

Related Posts

Main Slider

बदरीनाथ से फाटा लौट रहा हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 की मौत; CM धामी ने जताया दुख

30/10/2026
राष्ट्रीय

अमित शाह के अंबाला दौरे की तैयारी तेज, CM नायब सैनी ने लिया जायजा

30/10/2026
राष्ट्रीय

CM सैनी का किसानों को दिवाली गिफ्ट, गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल होगा

30/10/2026
पंजाब

पंजाब में रुका युवाओं का विदेश पलायन? CM मान बोले- अब यहीं मिल रहा रोजगार

30/10/2026
Main Slider

उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर क्रैश, बदरीनाथ से लौटते समय जोशीमठ के पास हादसा

30/10/2026
Next Post
cm yogi

बुंदेलखंड का समग्र विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

यह भी पढ़ें

army recruitment

भारतीय सेना में भर्ती के लिए 48 घंटे पुराना कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट लाना जरूरी

04/02/2021
Shukra Dev

शुक्र की चाल से बदलेगा भाग्य, कन्या में प्रवेश के बाद 7 राशियों को मिलेगा लाभ

04/09/2026
Keshav Maurya

जन-जन की सेवा तन-मन से करना मेरा कर्तव्य: उप मुख्यमंत्री

24/08/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version