• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

संतान की लंबी आयु के लिए इस दिन रखा जाएगा जितिया व्रत, जानें पूजन विधि

Writer D by Writer D
20/08/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jitiya Vrat

Jivitputrika vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

जितिया, जिसे जीवित्पुत्रिका या जिउतिया के नाम से भी जाना जाता है, एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। यह व्रत (Jitiya Vrat) मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों में मनाया जाता है। इस व्रत में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, सेहत और सुख-समृद्धि के लिए कठोर उपवास रखती हैं। इस व्रत की एक और खास बात यह है कि व्रती महिलाएं बिना पानी पिए इस व्रत को करती हैं।

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 सितंबर को सुबह 05 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगी । वहीं, इस तिथि का समापन 15 सितंबर को देर रात 03 बजकर 06 मिनट पर होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 14 सितंबर को जितिया व्रत रखा जाएगा।

कहां-कहां मनाया जाता है व्रत (Jitiya Vrat)?

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) का महत्व खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के मधेश क्षेत्र में अधिक है।यहां की महिलाएं बड़े उत्साह और आस्था के साथ सामूहिक रूप से व्रत करती हैं और संतान की दीर्घायु के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं।

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) की पूजा विधि

व्रत के पहले दिन महिलाएं सुबह स्नान करके पूजा करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। इस दिन, व्रती महिलाएं सात्विक भोजन करती हैं। व्रत के दूसरे दिन, जिसे खुर जितिया कहते हैं, महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन व्रती महिलाएं कुछ भी खाती या पीती नहीं हैं। व्रत के तीसरे दिन, जिसे पारण कहते हैं, पूजा करने के बाद व्रती महिलाएं व्रत का पारण करती हैं। इस दिन पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। पारण करने से पहले, व्रती महिलाएं जितिया के गीत गाती हैं और कथा सुनती हैं।

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत मां और बच्चे के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए कठोर उपवास रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान को हर संकट से मुक्ति मिलती है। व्रत के दौरान जितिया व्रत की कथा पढ़ने या सुनने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

Tags: jitiya vrat
Previous Post

धनतेरस पर ही नहीं इस दिन खरीदें नया वाहन, मिलेगी भगवान की कृपा

Next Post

किस दिन पड़ रही है भाद्रपद माह की अमावस्या, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Diabetes
Main Slider

इन चीजों से कंट्रोल में रहेगा ब्लड शुगर

29/01/2026
Diabetes
फैशन/शैली

डायबिटीज़ के सबसे ज्यादा ये लोग होते हैं शिकार

29/01/2026
Non Stick Pan
फैशन/शैली

जले हुए नॉन स्टिक पैन की सफाई होगी आसान, आज़माएं ये टिप्स

29/01/2026
Mehndi
Main Slider

लंबे समय तक रहेगा हाथों में मेहंदी का रंग, आजमाए ये तरीके

29/01/2026
Dupatta
Main Slider

गर्ल्स की वार्डरोब में जरूर होने चाहिए ये दुपट्टे

29/01/2026
Next Post
Amavasya

किस दिन पड़ रही है भाद्रपद माह की अमावस्या, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें

mandira bedi

पति राज कौशल को अर्थी देने पर ट्रोल हुईं मंदिरा बेदी, यह बनी वजह

03/07/2021
Tourist

यूपी में पर्यटन विकास से खुल रहे रोजगार के नए अवसर

07/02/2025
Inspector

यूपी पुलिस में 35000 सिपाही भर्ती, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन

26/03/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version