• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

250 करोड़ से और चमकाएंगे अयोध्या को

Writer D by Writer D
14/02/2026
in उत्तर प्रदेश, अयोध्या
0
Ayodhya

Ayodhya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अयोध्या। ताजा बजट में प्रदेश सरकार ने रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) को एक बार फिर 250 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। पर्यटन विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद को इसमें से 150 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी कड़ी में जिले के कम प्रसिद्ध आठ धार्मिक स्थलों को संवारने की भी तैयारी है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण सरकार ने इस क्षेत्र के समग्र विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट में अयोध्या जिले के धार्मिक स्थलों के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 150 करोड़ तीर्थ परिषद व 100 करोड़ अन्य विकास कार्यों के लिए हैं। यह धनराशि रामनगरी की सूरत और चमकदार बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

हाल ही में श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद ने आठ प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास की परियोजनाएं शासन को भेजी हैं जिन्हें इस राशि से क्रियान्वित करने की तैयारी है। यह अयोध्या के कम चर्चित लेकिन ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थलों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है ताकि श्रद्धालु राम जन्मभूमि के अलावा अन्य स्थलों का भी दर्शन कर सकें।

इन स्थलों का होना है सौंदर्यीकरण

इन परियोजनाओं में आठ प्रमुख स्थान शामिल हैं। बेतिया मंदिर, मीरापुर, डेराबीबी (अयोध्या धाम) में दो करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होगा। मणिपर्वत के लिए तीन करोड़ रुपये, दशरथ समाधि स्थल के समीप भगवान शंकर जी का मंदिर परिसर (विकास खंड पूरा) के लिए एक करोड़ रुपये, श्री अंजनेश्वर महादेव धाम (तमसा नदी तट, ग्राम अंजना सदर) के लिए एक करोड़ रुपये, श्रीमहर्षि वाल्मीकि आश्रम (आलापुर, मजरा दोस्तपुर) के लिए एक करोड़ रुपये, आंबेडकर पार्क (ग्राम कुढ़ासादात, तहसील रुदौली) के लिए एक करोड़ रुपये, मिल्कीपुर में आस्तीकन गहनाग बाबा के लिए एक करोड़ रुपये, नगर पंचायत भदरसा में भरत जी की तपोस्थली के लिए दो करोड़ रुपये से पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण प्रस्तावित है।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दिलाना है परिषद का उद्देश्य

योगी सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, धार्मिक स्थलों का संरक्षण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।

अयोध्या (Ayodhya) के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने अयोध्या के लिए इस बार भी बड़े बजट का प्रावधान किया है। निश्चित ही इससे धार्मिक नगरी के पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। फिलहाल हमने आठ परियोजनाओं की डीपीआर भेज दी है। कोशिश है जल्द से जल्द काम शुरू करा दिया जाय।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वाविद्यालय अयोध्या के प्रोफेसर विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग के आशुतोष सिन्हा ने बताया की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के लिए घोषित 250 करोड़ रुपये के प्रावधान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का यह बजट केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव स्थानीय रोजगार, छोटे व्यापारियों, होटल व्यवसाय, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योग पर भी पड़ेगा। प्रोफेसर आशुतोष के अनुसार अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। ऐसे में बुनियादी ढांचे और पर्यटन स्थलों के विकास में निवेश दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देने वाला साबित होगा। कम चर्चित धार्मिक स्थलों को विकसित कर मुख्यधारा से जोड़ना एक संतुलित और दूरदर्शी नीति है, जिससे पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद को 150 करोड़ रुपये का प्रावधान यह दर्शाता है कि सरकार धार्मिक पर्यटन को संगठित और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है। यदि परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से हुआ, तो अयोध्या न केवल आस्था का केंद्र बल्कि उत्तर भारत का प्रमुख पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का हब भी बन सकती।

Tags: ayodhya
Previous Post

आगरा में बनेगा हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

Next Post

कालिंजर महोत्सव 2026: ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

Writer D

Writer D

Related Posts

UP Economy
उत्तर प्रदेश

यूपी की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ढाई गुना से ऊपर पहुंची

14/02/2026
working women hostel
उत्तर प्रदेश

श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

14/02/2026
Kalinjar Festival
उत्तर प्रदेश

कालिंजर महोत्सव 2026: ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

14/02/2026
Sports College
उत्तर प्रदेश

आगरा में बनेगा हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

14/02/2026
Bomb threat to School
उत्तर प्रदेश

स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग का भंड़ाफोड़, एसटीएफ ने 6 को किया अरेस्ट

14/02/2026
Next Post
Kalinjar Festival

कालिंजर महोत्सव 2026: 'इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा' थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

यह भी पढ़ें

CM Dhami

सीएम धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को अर्पित की श्रद्धांजलि

23/12/2025

गोरखपुर में 118 नए कोरोना पॉजिटिव मिले , सं​क्रमितों की संख्या 14638 पहुंची

25/09/2020
cm yogi

लखीमपुर खीरी के पीड़ितों के साथ है सरकार, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : योगी

04/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version