Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

यूपी के लिए ₹3,210.76 करोड़ का बजट मंजूर, विकास कार्यों और मजदूरी को मिलेगी रफ्तार

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ। ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण रोजगार को नई गति प्रदान करने की दिशा में उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार से एक बड़ी वित्तीय सौगात प्राप्त हुई है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए ₹3,210.76 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह बजट प्रदेश में ग्रामीण रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस वित्तीय स्वीकृति से प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार एवं समयबद्ध मजदूरी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। यह आवंटन केंद्र सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार, श्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पर उनका विशेष स्नेह, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद निरंतर प्राप्त हो रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े रोजगार सेवकों, मेटों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, ग्रामीण युवाओं तथा अन्य हितग्राहियों के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर लगातार सृजित हो रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सतत सहयोग से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीण अवस्थापना के विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

स्वीकृत कुल ₹3,210.76 करोड़ की धनराशि को विभिन्न मदों में सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से विभाजित किया गया है। इनमें ₹1,783.76 करोड़ श्रमांश (लेबर बजट) के रूप में स्वीकृत किए गए हैं, जो सीधे ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी के भुगतान पर व्यय किए जाएंगे। इससे प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों को समय पर पारिश्रमिक प्राप्त होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार विकास कार्यों में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए ₹1,189.17 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से ग्रामीण सड़कों, जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, सिंचाई सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं गति के साथ पूरा किया जा सकेगा। योजनाओं के प्रभावी संचालन, निगरानी, प्रबंधन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ₹237.83 करोड़ की राशि प्रशासनिक मद के लिए निर्धारित की गई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

इस बड़े वित्तीय आवंटन से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी। मजदूरी की राशि सीधे पात्र श्रमिकों के खातों में पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर क्रय शक्ति बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वहीं सामग्री मद के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि से टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित होगा, जिससे गांवों के आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास होगा।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस स्वीकृत धनराशि का पूर्णतः पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक जिले में विकास कार्यों को गति प्रदान करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।

Exit mobile version