पति के खिलाफ जाति सूचक शब्दाें से अपमानित करने का मुकदमा दर्ज कराया

- in उत्तर प्रदेश, क्राइम
मुकदमा दर्ज
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देहरादून। देहरादून में बीवी ने अपने वैज्ञानिक पति के खिलाफ दहेज के अलावा जाति सूचक शब्दाें से अपमानित करने का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी आईआरडीई में वैज्ञानिक है। जबकि पीड़िता जौनसार की अनुसूचित जनजाति की बताई गई है। सीओ सिटी शेखर सुयाल को इस मामले की विवेचना सुपुर्द की गई है।

ऋषि विहार की अरविना ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि पीड़िता अनुसूचित जनजाति (जौनसारी) की महिला है। बताया कि उसकी शादी 2014 में आईआरडीई(इंस्टूमेंट रिसर्च एंड डवलपमेंट इस्टेब्लिसमेंट) में वैज्ञानिक विनीत तिवारी के साथ हुई थी।

उनका चार साल का एक बेटा भी है, जो उसके साथ रहता है। आरोप लगाया कि शादी के बाद से आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करता आ रहा था। विनीत तिवारी का व्यवहार उसके और अन्य परिजनों के खिलाफ अपमानित करने वाला रहा है।

आरोपी उन्हें छोटी जाति का बताकर हाथ से पानी न पीने आदि की बात कहता रहा। इस अपमान के बाद भी वह ससुराल में रहती रही। ससुराल पक्ष के लोगों ने कुछ समय पहले पार्क रोड स्थित मकान को बेचकर उसे घर से निकाल दिया। मजबूरन उसे मायके जाकर विधवा मां का सहारा लेना पड़ा।

पीड़िता का आरोप है कि पति ने तलाक के लिए दबाव बनाने को उसकी मां को एक झूठे मुकदमे में जेल भिजवा दिया। परिवार न्यायालय ने उसकी अर्जी पर आरोपी को भरण-पोषण की धनराशि देने के आदेश दिए थे, लेकिन पूरी धनराशि समय से अदा नहीं की गई। न्यायालय ने आरोपी पति की तलाक की अर्जी को सही ना मानते हुए खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ विनीत तिवारी ने हाईकोर्ट में अपील की है।

पीड़िता का आरोप है कि वह आठ जनवरी को मुकदमे की पैरोकारी में कचहरी आई थी। इसी दौरान आरोपी पति ने गाली-गलौज करते सरेआम उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया है। मां आदि के लिए गंदे शब्दों का प्रयोग किया। सीओ सिटी शेखर सुयाल का कहना है कि विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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