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गायों में फैली कोरोना जैसी बीमारी, इस शहर में लागू हुआ एनिमल लॉकडाउन

A coronavirus-like disease is spreading among cows in France.

A coronavirus-like disease is spreading among cows in France.

फ्रांस की गायों (Cows) में कोरोना वायरस जैसी एक बीमारी तेजी से फैल रही है, जिसके चलते फ्रांस के दक्षिण पश्चिम इलाके में एनिमल लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इस वायरल बीमारी के कारण फ्रांस की सरकार भी टेंशन में आ गई है। क्योंकि कई इलाकों में किसान सड़कों पर उतर आए हैं। फ्रांस की स्थानीय मीडिया के मुताबिक अब तक कोरोना वायरस जैसी तेजी से फैल रही लंलंपी स्किन डिजीज से 3 हजार गायों (Cows) की मौत हो चुकी है।

टेलीग्राफ ब्रिटेन के मुताबिक फ्रांस के किसान इस बीमारी से परेशान हो गए हैं। सोमवार को दक्षिण पश्चिम के कई इलाकों में किसानों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि सरकार इसे सही नहीं कर पा रही है। वहीं राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने क्रिसमस को देखते हुए इन किसानों की मांग पर सुनवाई करने की घोषणा की है।

पहले जानिए क्या है लंपी स्किन डिजीज?

लंबी स्किन डिजीज Capripoxvirus से होती है। यह वायरस मच्छर या खून चूसने वाले अन्य कीड़ों के जरिए पशुओं में फैलती है। इस वायरस के बॉडी में प्रवेश करने के 528 दिन बाद लक्षण दिखते हैं। तुरंत इसका कोई ईलाज नहीं है। टीकाकरण के जरिए इसे रोका जा सकता है।

फ्रांस सरकार के मुताबिक अब तक 10 लाख गायों में टीका लगाया जा चुका है। सरकार ने इसे युद्ध गति से लागू करने का फैसला किया है। हालांकि, इस वायरल बीमारी के तेजी से फैलने की वजह से कई मौकों पर मामला अनकंट्रोल हो जाता है।

फ्रांस में इस पर कोहराम क्यों मचा है?

फ्रांस में यह बीमारी तेजी से गायों (Cows) में फैल रही है। जुलाई 2025 से अब तक 3 हजार लोगों की इससे मौत हो चुकी है। फ्रांस सरकार ने इसे रोकने के लिए एनिमल लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके तहत-

1. कहीं पर अगर एक गाय में यह बीमारी पाई जाती है, तो वहां स्थित सभी गायों को एक साथ मार दिया जाएगा। सरकार ने इसे इच्छामृत्यु का नाम दिया है।

2. लंपी स्किन डिजीज को रोकने के लिए सरकार ने पशुधन की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिसके कारण किसान इसे बेच और खरीद नहीं सकते हैं।

3. सरकार ने टीकाकरण को लेकर एक फैसला लिया है। इसकी दूरी से किसान नाराज हैं। सरकार के मुताबिक 50 किमी (30 मील) के दायरे में आपात टीकाकरण की व्यवस्था है।

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