उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नवनीत विहार कॉलोनी में त्योहार के दिन एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ 11वीं कक्षा के एक छात्र सूर्या (17 वर्ष) की उसके ही दोस्त असद और उसके साथियों ने चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या (Murder) कर दी। पेट में चाकू धंसे होने की तड़प के बावजूद छात्र अपनी जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया और दोबारा ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली। इलाज के दौरान शुक्रवार को अस्पताल में सूर्या ने दम तोड़ दिया।
‘क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है?’ कहकर बुलाया:
मृतक के बड़े भाई यश चौहान द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनका परिवार मूल रूप से एटा के सुखवाबाद का रहने वाला है। गुरुवार (बकरीद के दिन) दोपहर सूर्या अपने दो दोस्तों विक्की और आयुष के साथ घर के पास टहल रहा था। तभी उसके दोस्त असद ने फोन कर उसे मिलने के लिए गली नंबर दो में स्थित केले के गोदाम के पास बुलाया। जब सूर्या वहाँ पहुंचा, तो असद ने उससे पूछा, “कभी बकरा हलाल होते देखा है?” सूर्या ने जब मना किया और वहाँ से लौटने लगा, तो असद गाली-गलौज पर उतर आया। विरोध करने पर असद ने सीधे सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया।
200 मीटर तक पेट में चाकू लिए भागा सूर्या:
पेट में चाकू लगने के बाद सूर्या ने पूरी ताकत से असद को धक्का दिया और भागने लगा, लेकिन हमलावर का चाकू उसके पेट में ही फंसा रह गया। वह उसी लहूलुहान स्थिति में 200 मीटर तक दौड़ने के बाद सड़क पर गिर पड़ा। आरोप है कि असद और उसके साथी पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गए। उन्होंने सूर्या के पेट में फंसे चाकू को बाहर निकाला और बेरहमी की हदें पार करते हुए उसके शरीर पर पांच-छह बार फिर वार किए, जिससे वह पूरी तरह बेसुध हो गया।
इलाके में तनाव:
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन सूर्या को तुरंत पास के अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे नोएडा के एक बड़े निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहां शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे उपचार के दौरान सूर्या की मौत हो गई। इस घटना के बाद नवनीत विहार की मिश्रित आबादी वाले इलाके में भारी तनाव फैल गया है और एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने भी खोड़ा थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हत्या की धारा में केस दर्ज, मुख्य आरोपी फरार:
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। शुरुआत में जानलेवा हमले (धारा 307) का केस दर्ज किया गया था, जिसे सूर्या की मौत के बाद अब हत्या (धारा 302) में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, मुख्य आरोपी असद अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मकान मालिक के अनुसार, दोनों के बीच 8 महीने पहले भी एक विवाद हुआ था, जिसे तब सुलझा लिया गया था। मृतक की मां ने रोते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर मारा गया है और उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए।
