• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भूखा अन्नदाता कभी दूसरे का पेट नहीं भर सकता : भाकियू

Desk by Desk
03/11/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, प्रयागराज, राजनीति
0
भाकियू

भारतीय किसान यूनियन

15
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश सरकार पर किसानो के साथ झूठे वादे का खेल खेलने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस क्षेत्र में पत्थर गिरजा घर के पास सोमवार को धरना प्रदर्शन किया।

भाकियू प्रयागराज यूनिट के अध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गोलमोल बात कर रही है जिसका धरातल पर सकारात्मक ठोस आधार नजर नहीं आ रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को चिकनी चुपड़ी बातों में गुमराह कर मूलभूत जरूरतों को भी पूरा नहीं कर एक ऐसे अंधी गुफा में ढ़केल रही है जहां से किसानों का निकलना मुश्किल है।

कुशीनगर : दस साल के मासूम का अपहरण के बाद हत्या, हत्यारोपी से पूछताछ जारी

उन्होने किसानों की स्मार्ट मीटर, धान की खरीद, जमीनों के पट्टे की समस्या और सिंचाई आदि अनेकों समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और अगर अन्नदाता को ही सरकार तंत्र प्रताड़ित करेगा देश की दूसरी जरूरतें कैसे पूरी होंगी। उन्होने दावा किया कि भूखा अन्नदाता कभी दूसरे का पेट नहीं भर सकता।

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वादा किया था कि किसानों के गन्ने का भुगतान चीनी मिले चलने से पहले कर दिए जाएंगे लेकिन उसका भुगतान नहीं हुआ अलबत्ता मिले चालू हो गयी हैं। उन्होने बताया कि किसान धान की फसल काट चुका है लेकिन धान क्रय केन्द्र अभी चालू नहीं हैं। जो चालू भी हैं वे मिलरों के इसारे पर काम कररहे हैं, किसानों के धानों में कुछ कमियां बताकर वापस कर दे रहे हैं।

बाहुबली विजय मिश्रा के व्यवसायिक भवन गिराने के मामले में चार नवंबर को सुनवाई

उन्होने कहा कि देश में सरकार चाहें कोई भी हो, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्षरत किसानों की झोली हमेशा खाली रह जाती है। आज अन्नदाता किसानों के हालात बेहद सोचनीय हैं। उन्होने कहा कि पिछले 72 सालों से किसानों के वोट स देश में सत्ता का सुख भोगने वाले सभी राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं। किसी भी दल ने किसानों के हित में विचार नहीं किया। लंबे समय से संघर्षरत किसानों की झोली हमेशा खाली रह जाती है। आज अन्नदाता किसानों के हालात बेहद सोचनीय हैं।

Tags: Latest Uttar Pradesh News in Hindipolitical newsUP Politicsभारतीय किसान यूनियन
Previous Post

कुशीनगर : दस साल के मासूम का अपहरण के बाद हत्या, हत्यारोपी से पूछताछ जारी

Next Post

कांग्रेस व सपा का शासनकाल ‘‘हिन्दू-मुस्लिम दंगों’’ से काफी भरा रहा : मायावती

Desk

Desk

Related Posts

money plant
Main Slider

मनी प्लांट घर पर होने के बाद भी नहीं हो रहा लाभ, तो हो सकती है ये वजह

03/05/2026
Animals
Main Slider

इन जानवरों को खिलाने-पिलाने से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं, मजबूत होते हैं ये ग्रह

03/05/2026
kalava
Main Slider

कितने दिन के बाद बदलना चाहिए कलावा, जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

03/05/2026
dark chin
Main Slider

ठुड्डी का कालापन कर रहा है शर्मिंदा, निजात पाने के लिए आजमाए ये उपाय

03/05/2026
Toner
Main Slider

इस चीज से मिलेगा कोरियन जैसा निखार, जानें बनाने का तरीका

03/05/2026
Next Post

कांग्रेस व सपा का शासनकाल ‘‘हिन्दू-मुस्लिम दंगों’’ से काफी भरा रहा : मायावती

यह भी पढ़ें

vaccine certificates

चुनावी राज्यों में वैक्सीन सर्टिफिकेट्स से हटाई जाए PM मोदी की तस्वीर : आयोग

06/03/2021
Chess Olympiad

चेस ओलंपियाड में भारत ने रचा इतिहास, 97 साल बाद जीते 2 गोल्ड

22/09/2024
CM Bhajan lal Sharma

किसानों का कल्याण और गरीबों का उत्थान हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा

19/03/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version