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‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ फिल्म को लेकर अभय देओल ने दिया था ये बयान

नई दिल्ली| एक्टर अभय देओल ने हाल ही में नेपोटिज़्म पर अपनी बात रखी। अपनी बात में अभय ने नेपोटिज़्म को लेकर कई सारे किस्से भी शेयर किया। इस दौरान उन्होंने फिल्म ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ में उनके काम को सही क्रेडिट न देने की शिकायत भी की थी। अब अभय के बयान पर अनके कोस्टार रहे फरहान अख्तर का रिएक्शन सामने आया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में इतना ही नहीं अभय देओल ने एक पोस्ट में कहा था, ”जिंदगी न मिलेगी दोबारा, साल 2011 में आई थी. इसका नाम लगातार रट रहा हूं आजकल। जब परेशान हों तो ये एक अच्छी फिल्म है। ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ के लिए उन्हें सही एप्रीसिएशन नहीं मिला था। अवॉर्ड्स में उन्हें सपोर्टिंग एक्टर बना दिया और ऋतिक को मेन हीरो। अभय ने कहा कि उन्हें इसका बुरा लगा और उन्होंने अवॉर्ड नाइट्स में जाना छोड़ दिया। वहीं, फरहान को लेकर उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बर्ताव का बुरा नहीं लगा शायद।

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फरहान अख्तर ने अभय के उन बयानों पर रिएक्शन दिया है, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज़्म और ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ में क्रेडिट न मिलने वाली बात कहा था।  फरहान ने कहा, ‘हमेशा अपने काम के लिए आप किसी और की सहमती को हासिल नहीं कर सकते हैं। यह एक रेस है जिससे जरूरी नहीं है आप भाग ले सकते हैं। हमेशा अपको किसी काम भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। खुद पर भरोसा रखें और वो काम करें जो काम करने में आपको खुशी मिलती है। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि  इस बात से जरा सा भी फर्क नहीं पड़ता है कि आप खबरों में कितना छाए और आपको कितने अवॉर्ड मिले। फहरहान का मानना है कि वह बॉलीवुड में अपने क्राफ्ट की वजह से हैं।

 

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“Zindagi Na Milegi Dobara”, released in 2011. Need to chant this title to myself everyday nowadays! Also a great watch when anxious or stressed. I would like to mention that almost all the award functions demoted me and Farhan from main leads, and nominated us as “supporting actors”. Hrithik and Katrina were nominated as “actors in a leading role”. So by the industry’s own logic, this was a film about a man and a woman falling in love, with the man supported by his friends for whatever decisions he takes. There are many covert and overt ways in which people in the industry lobby against you. In this case it was shamelessly overt. I of course boycotted the awards but Farhan was ok with it. #familyfareawards Very creative artwork @kalakkii

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उन्होंने अभय देओल के कमेंट पर जवाब देते हुए कहा, ‘उन्होंने क्या महसूस किया ये उनका बेहद निजी अनुभव है। मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। अगर आपको हमेशा दूसरों की वैलिडेशन चाहिए तो, ये आपको कुछ देर के लिए तो खुशी दे सकता है लेकिन अंत में निराशा ही देगा। आप अपने काम से प्यार करिए।’

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नेपोटिज़्म पर अभय देओल का रिएक्शन

हाल ही में अभय ने कहा, ‘इंडस्ट्री में ख़ेमेबाज़ी कई सालों से नहीं, दशकों से चली आ रही है, लेकिन कोई इसके खिलाफ खड़े होने के बारे में नहीं सोचता, बल्कि सभी लोग इसमें शामिल होने के लिए तैयार हो जाते हैं, क्योंकि वो जानते हैं कि तभी वो इससे बच सकते हैं। मैं ये इस वजह से कह सकता हूं, क्योंकि मैं एक फिल्मी परिवार में ही पला-बढ़ा हुआ हूं। मैं ये सब बचपन से सुनता आ रहा था। मैंने बचपन से दूसरों के तजुर्बे सुने थे, लेकिन जब मैं इंडस्ट्री में आया तो मैंने ये खुद देखा’।

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