अदिति ने शादी से पहले पापा के लिए लिखी भावुक पोस्ट, अंगद के साथ लेगीं सात फेरे

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रायबरेली। रायबरेली की विधायक अदिति सिंह की शादी आज शाम दिल्ली के एमजी रोड स्थित जोरबा होटल में संपन्न होगी। शाम पांच बजे से शादी का समारोह शुरू होगा। इसी बीच अदिति सिंह ने अपनी फेसबुक वाल पर पिता के नाम बेहद भावुक कर देने वाली पोस्ट डाली है। जिसमें उन्‍होंने लिखा है कि  एक पिता का सबसे बडा सपना उसकी बेटी की शादी होता है, पापा आपने अंगद को मेरा सच्चा जीवन साथी चुना, आज इस खुशी के मौके पर आप नहीं है। आपकी बहुत याद आ रही है।’ आइ लव यू पापा, आई मिस यू पापा’।

इमोशनल पोस्‍ट चर्चा में आई

शादी से ठीक पहले अदिति सिंह की इमोशनल पोस्‍ट चर्चा में आ गई है। हर पिता का सपना होता है कि उसकी बेटी की शादी उसके आंखों के सामने हो। शादी के मौके पर पिता की कमी अदिति सिंह की पोस्‍ट में साफ नजर आ रही है। वहीं उन्‍होंने अपनी पोस्‍ट में अंगद सैनी को जीवनसाथी के रूप में चुनने पर खुशी भी जाहिर की है। बता दें कि अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह की मौत जुलाई माह में हुई थी। अखिलेश सिंह लगातार पांच बार विधायक रह चुके थे।

पिता ने तय की थी शादी

अदिति सिंह की शादी उनके पिता ने अपनी मृत्यु से पहले ही तय की थी। दरअसल, अखिलेश सिंह और अंगद के पिता दोनों काफी समय से दोस्त रहे हैं। उन्होंने अपने रहते इसी दोस्ती को परवान चढ़ाया और रिश्तेदारी में बदल दिया।

जीवट राजनीतिज्ञ थे अखिलेश

अखिलेश सिंह बहुत ही जीवट राजनीतिज्ञ रहे हैं। 1993 में कांग्रेस से जीते फिर 1996 और 2002 का भी चुनाव जीता। 2003 में कांग्रेस से मतभेद होने पर पार्टी छोड़ दी। 2007 में फिर निर्दलीय चुनाव जीते और लगातार रायबरेली में कांग्रेस को कमजोर करते रहे। यही नहीं उन्होंने 2012 में पीस पार्टी ज्वाइन की। अखिलेश की वजह से ही जिले में पहली बार पीस पार्टी का झंडा बुलंद हुआ।

घर-घर जाकर माँगा वोट

हालात ये थे कि कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप उन्हें हराने के लिए घर-घर जाकर वोट मांग रही थी लेकिन, जब चुनाव हुआ तो अखिलेश सिंह एक बार फिर रायबरेली सदर से चुनाव जीत चुके थे। आलम ये था कि रायबरेली की 5 विधानसभा सीटों में से 4 पर कांग्रेस का कब्ज़ा था जबकि सदर सीट पर अखिलेश सिंह काबिज थे।

रायबरेली का पिछड़ापन कचोटता है

अमेरिका से पढ़ाई कर और लंदन में कुछ वक्त जॉब करके लौटी अदिति सिंह 2017 विधानसभा चुनाव में अपने पिता की पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी। अदिति की मुलाकात प्रियंका गांधी से हुई और एक बार फिर अदिति सिंह पिता अखिलेश सहित पार्टी में आ गईं थी।अदिति ने उस वक्त मीडिया से बातचीत में बताया था कि मैं लंदन में खुश थी लेकिन रायबरेली का पिछड़ापन मुझे कचोटता था। यही वजह थी कि मैं वापस आई।

पिता के नक्शे कदम पर अदिति

अदिति सिंह भी अपने पिता के नक़्शे कदम पर चली. बीते 5 अगस्त को जब भाजपा सरकार ने कश्मीर में धारा 370 खत्म किया तो उन्होंने उसकी खुलकर तारीफ की। यही नहीं पिता की मौत के बाद भी जब यूपी सरकार ने महात्मा गाँधी जयंती पर विशेष सत्र का आयोजन किया तो अदिति पार्टी लाइन से हट कर सत्र में पहुंची थीं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती भी दी थी।

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