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अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई, पाकिस्तान में ISIS ठिकानों पर हवाई हमला

Afganistan Airstrike

Afganistan Airstrike

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के ठिकानों पर सटीक और भीषण हवाई हमले करने की आधिकारिक पुष्टि की है। अफगान मंत्रालय के अनुसार, इन हवाई हमलों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में सक्रिय आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें मुख्य रूप से बलूचिस्तान के पिशिन जिले का सरनान इलाका, चित्राल की शाह सलीम घाटी और खैबर पख्तूनख्वा का कंबर खेल शामिल हैं। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद तालिबान शासित अफगान रक्षा मंत्रालय ने इस्लामाबाद को कड़े लहजे में चेतावनी जारी की है। अफगानिस्तान ने साफ कहा है कि जो भी स्थान या देश उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा, उसे वे हर हाल में निशाना बनाएंगे।

तालिबान प्रशासन ने पुष्टि की है कि जिन ठिकानों को हवाई हमलों में ध्वस्त किया गया है, उनका इस्तेमाल अफगानिस्तान के भीतर निर्दोष नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने और विध्वंसक गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, बलूचिस्तान के सरनान इलाके में स्थित एक स्कूल भवन को आईएसआईएस और अन्य अराजकता फैलाने वाले गुटों ने अपना संयुक्त कमांड सेंटर बना रखा था। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस त्वरित और लक्षित कार्रवाई में कई खूंखार आतंकवादी और अराजक तत्व मौके पर ही ढेर कर दिए गए हैं।

अफगानिस्तान ने स्पष्ट किया है कि यह रणनीतिक हवाई हमला पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अफगान सीमा पर की गई बिना किसी उकसावे की क्रॉस-बॉर्डर एयरस्ट्राइक का सीधा जवाब है। पूर्व में हुए उन पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित बड़े पैमाने पर अफगान नागरिक हताहत हुए थे। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए उन हमलों में कम से कम 28 निर्दोष अफगान नागरिक मारे गए थे और 49 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने भी तब इस्लामाबाद की इस क्षेत्रीय आक्रामकता की कड़े शब्दों में निंदा की थी। भारत ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए एक गंभीर खतरा करार दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में रेखांकित किया था कि यह हमला पाकिस्तान के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए सीमा पार हिंसा का सहारा लेने का एक व्यर्थ प्रयास है। हालांकि, पाकिस्तान हमेशा की तरह अपनी सुरक्षा कमियों का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ता रहा है, जिसे तालिबान प्रशासन ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

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