एनपीआरसी पद से हटने के बाद शिक्षण कार्य से गुरेज कर रहें हैं शिक्षक

एनपीआरसी
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लखनऊ। राजधानी के न्याय पंचायत ब्लाक समन्वयकों (एनपीआरसी) का पद से हटाये जाने के बाद भी पद का मोह खत्म नहीं हो रहा है। एनपीआरसी पद पर बेसिक शिक्षा विभाग ने  नवीन चयन प्रक्रिया कराये जाने के बाद कार्यभार प्रदान किये जाने में पूर्व एनपीआरसी कतरा रहे हैं ।

दो माह बाद भी शिक्षकों का पद से हटाये जाने के बाद भी बना हुआ है मोह

वहीं विभागीय अधिकारियों के लचर रवैये के चलते एनपीआरसी के पद पर वर्षाे तैनाती का मजा काट चुके शिक्षक शिक्षण कार्य करने से गुरेज कर रहे हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में शासन से  शिक्षा की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिये एनपीआरसी के पद पर शिक्षकों की तैनाती की जाती है। राजधानी में एनपीआरसी के पदों पर विभाग के नवीन तैनाती किये हुये करीब दो माह का समय गुजर चुका है, लेकिन  कई ब्लाकों में एनपीआरसी के पदों पर तैनात रह चुके शिक्षकों का पद से हटाये जाने के बाद भी मोह बना हुआ है।

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कार्यभार प्रदान करने से किया जा रहा है गुरेज

सूत्रों के मुताबिक चिनहट ब्लाक में इस  पद पर बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा नवीन तैनाती कर शासनादेश का पालन करते हुये मल्लहौर में नवीन चयन करते हुये हुस्न जहां के पद पर नवीन तैनाती की जा चुकी है। विभागीय अधिकारियों के दबाव के कारण हुस्न जहां के पद पर तैनाती पायी शिक्षिका को ज्वाइन नही करने का दबाव बना दिया गया है। वही अदील मंसूरी को पद से हटने के बाद करीब एक माह से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी नवनियुक्त अर्चना मिश्रा को कार्यभार प्रदान करने से गुरेज किया जा रहा है।

सेटिंग-गेंटिग के सहारे नौकरी काटने की जुगाड में जुटे

जिससे विभागीय योजनाये गति नहीं पकड पा रही है। सूत्रों के अनुसार शहर के और भी ब्लाक में शासन के आदेशों के तहत नवीन तैनाती को लेकर वर्षो सें एनपीआरसी रह चुके शिक्षक अभी भी अपने मूल दायित्व के तहत विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के बजाये शिक्षा अधिकारियों के जरिये अपनी सेटिंग-गेंटिग के सहारे नौकरी काटने की जुगाड में जुटे है।

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