लखनऊ: सपा सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) की पत्नी फरहत अंसारी के नाम डालीबाग स्थित आवासीय भूखंड और कोठी को लेकर कोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई। गाजीपुर और लखनऊ जिला प्रशासन के समन्वय से सीलबंद संपत्ति की सील हटाने और विधिवत कब्जा सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अफजाल अंसारी अपने परिवार और तहसीलदार की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे।
तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम ने सील खोलने के पंचनामे, कागजी औपचारिकताओं और पैमाइश की कार्रवाई की। इसके बाद संपत्ति का दखल अंसारी परिवार को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
करीब 6,700 वर्ग फीट के भूखंड पर बनी यह आलीशान कोठी फरहत अंसारी के नाम दर्ज है। अक्टूबर 2022 में गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत इसे कुर्क कर सील किया गया था। इसके बाद संपत्ति की निगरानी लखनऊ नगर आयुक्त को सौंपी गई थी।
फरहत अंसारी ने कुर्की के खिलाफ अदालत का रुख किया था। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने अप्रैल 2025 में अपने फैसले में कहा था कि यह मकान गैंगस्टर गतिविधि या अपराध से अर्जित संपत्ति नहीं है। अदालत ने मकान की सील खोलकर उसे फरहत अंसारी को वापस सौंपने का आदेश दिया था।
समय पर कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गाजीपुर प्रशासन ने लखनऊ नगर आयुक्त और तहसील प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा।
इसी क्रम में अब डालीबाग की संपत्ति की सील हटाकर परिवार को कब्जा सौंपा जा रहा है। हालांकि, कोठी में प्रवेश करने के बाद अफजाल अंसारी ने जेवर और अन्य कीमती सामान गायब होने का दावा किया है। उनका कहना है कि अलमारियों और दराजों के लॉक टूटे हुए मिले और बेटी की शादी के लिए रखे गए लाखों रुपये के जेवर समेत अन्य सामान गायब है।
कीमती सामान गायब होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इस संबंध में प्रशासन या पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
