कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आसनसाेल में इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के कुनुस्तोरिया क्षेत्र स्थित पड़ाशिया (परशिया) कोलियरी की भूमिगत खदान (Coal Mine) में हुए भयावह एयर ब्लास्ट हुआ है। हादसे में 40 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि एक श्रमिक की मौत हाे गई है। हालांकि, खदान प्रबंधन की ओर से खबर लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह पहली शिफ्ट के दौरान करीब 10:30 बजे खदान के 27 नंबर विभाग में श्रमिक कोयला कटाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक खदान की एक परत से तेज एयर ब्लास्ट हुआ, जिससे भीतर जबरदस्त वायु दबाव बन गया। विस्फोट से श्रमिक दूर जा गिरे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय उक्त खदान में करीब 20-25 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें दो अधिकारी भी शामिल थे।
बता दें कि, खदान (Coal Mine) में एयर ब्लास्ट एक अत्यंत खतरनाक घटना है, जो मुख्य रूप से भूमिगत कोयला खदानों में छत गिरने के कारण उत्पन्न होती है। इसमें खदान की खाली जगह में फंसी हवा अचानक भारी दबाव के साथ बाहर निकलती है, जो खनिकों को घायल या मृत कर सकती है और मशीनरी को तबाह कर सकती है।
प्रत्यक्षदर्शी श्रमिक राकेश कुर्मी ने बताया कि करीब 10:30 बजे अचानक जोरदार धमाका महसूस हुआ। देखते ही देखते तेज हवा का दबाव बना और वहां मौजूद सभी लोग गिर पड़े। कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पूरा क्षेत्र धूल और धुएं से भर गया। उस समय करीब 20-25 लोग वहां काम कर रहे थे, जिनमें दो अधिकारी भी थे। हादसे से खदान के अंदर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाकर मौजूद अधिकारियों और बचाव दल ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को बाहर निकालकर रानीगंज के बांसड़ा एरिया अस्पताल, ईसीएल के अन्य अस्पतालों तथा दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर है। घायलों में कई ठेका मजदूरों के साथ-साथ कोलियरी के अतिरिक्त प्रबंधक दिलीप कुमार भी घायल हुए हैं। इस घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इधर, हादसे के विरोध में श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि खदान प्रबंधन की लापरवाही और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी के कारण यह दुर्घटना हुई है। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, प्रशासन और खदान प्रबंधन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद श्रमिकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है।
