वायु प्रदूषण की चपेट में आई राजधानी लखनऊ, सांस लेना हुआ दूभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदूषण से लोगों का बुरा हाल है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड यानी सीपीसीबी की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए चौकाने वाले आंकड़े सामने आए है। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में यूपी के 10 शहर शामिल हैं। जिसमें से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की भी हवा को जहरीला बताया गया है। ठंड शुरू होने से पहले ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच से यह बात सामने आई है कि यूपी के 10 शहर में सास लेना नुकसानदेह होता जा रहा है, क्योंकि यहां की हवा अन्य शहरों के मुताबिक सबसे ज्यादा जहरीली है।

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दरअसल एयर क़्वालिटी इंडेक्स में अगर हवा 301 से 400 के बीच है तो हवा बहुत खराब है और अगर 401 से 500 के बीच है तो हवा खतरनाक है। वहीं यूपी का गाजियाबाद 430 कानपुर 422 ग्रेटर नोएडा 385 बागपत 377 नोएडा 374 हापुड़ 357 बुलन्दशहर 351 मुज़्ज़फर्नगर 345 आगरा 325 और यूपी की राजधानी लखनऊ 305 से ऊपर पहुंच गया है।

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वहीं अगर आईआईटीआर के निदेशक आलोक धवन की मानें तो राजधानी लखनऊ में हो रहा मेट्रो का काम, बढ़ता बेतहाशा ट्रैफिक और इलाकों में खुले में कूड़े में लगाई गई आग के साथ पेड़ों का तेजी से खत्म होना अहम वजह है। रिहायशी इलाकों में भी वायु प्रदूषण हमेशा के मुकाबले इस बार ज्यादा पाया गया है।

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इस बारे में लखनऊ के सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे का कहना हैं कि चेस्ट रोग विभाग में सांस के मरीजों की तादाद काफी बढ़ गई है। वायु प्रदूषण से निमोनिया, अस्थमा, एलर्जी, माइग्रेन, ब्लड प्रेशर, ब्रोंकाइटिस जैसी गम्भीर बीमारिया लोगों को हो जाती है। इसके लिए स्वयं में जागरूक होकर अनावश्यक गाड़ियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जॉगिंग करने वालों से लेकर स्कूल जाने वाले तक मास्क लगाकर घर से निकले।

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