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ऊर्जा मंत्री का दावा- ‘यूपी दे रहा देश में सबसे ज्यादा बिजली’, लेकिन ट्रिपिंग और अघोषित कटौती खोली पोल

AK Sharma

AK Sharma

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार बढ़कर नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma) ने दावा किया है कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग अब 32,348 मेगावाट के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई है, जो पूरे देश के किसी भी राज्य में सबसे ज्यादा है। उन्होंने बताया कि पहले के समय में राज्य की बिजली मांग महज 12-13 हजार मेगावाट के आसपास सीमित रहती थी, जो अब बढ़कर 32 हजार मेगावाट के पार जा चुकी है। मंत्री के अनुसार, इतनी भारी मांग के बावजूद सरकार बिना किसी बड़ी रुकावट के लगातार बिजली की सप्लाई सुनिश्चित कर रही है, हालांकि इस दावे के विपरीत कई इलाकों से स्थानीय स्तर पर बिजली कटौती की खबरें भी आ रही हैं।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma) के मुताबिक, इस भीषण गर्मी के चरम दौर में भी शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तय रोस्टर के अनुसार रोजाना 22 से 22.5 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने साफ किया कि यदि कहीं भी तकनीकी खराबी, प्राकृतिक वजहों या स्थानीय स्तर पर कोई बाधा आती है, तो विभागीय कर्मचारी दिन-रात मुस्तैदी से मरम्मत कार्य में जुट जाते हैं ताकि आपूर्ति को तुरंत बहाल किया जा सके।

दूसरी तरफ, मांग में हुए इस अप्रत्याशित उछाल के कारण प्रदेश के कई हिस्सों से अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की गंभीर शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। इसे लेकर विपक्ष भी बिजली व्यवस्था पर लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि राजधानी लखनऊ समेत कई अन्य शहरों में स्थानीय निवासियों ने बिजली कटौती से परेशान होकर प्रदर्शन भी किए हैं। इन सबके बीच ऊर्जा मंत्री का तर्क है कि रिकॉर्ड स्तर की इस विशाल मांग को सफलतापूर्वक पूरा करना ही इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि प्रदेश का बिजली ढांचा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और सक्षम हुआ है।

ऊर्जा विभाग के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो हाल के दिनों में यूपी ने बिजली खपत के अपने ही सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इससे पहले राज्य में 31 हजार मेगावाट से अधिक की मांग पूरी करने का दावा किया गया था, जो अब बढ़कर 32,348 मेगावाट तक पहुंच गया है। ऊर्जा मंत्री ने बढ़ती मांग को राज्य के विकास का सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि उद्योगों, कृषि क्षेत्र, घरेलू उपभोग और तेजी से होते शहरीकरण के कारण बिजली की जरूरतें बढ़ी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है ताकि भविष्य में भी हर उपभोक्ता को पर्याप्त और बेहतर बिजली सेवाएं मिलती रहें।

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