करारी हार से अखिलेश ने लिया सबक, गठबंधन नहीं राहुल से है दोस्ती

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी को 2017 विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से अखिलेश यादव ने सबक लिया है। कांगेस पार्टी के साथ गठबंधन करने के बावजूद समाजवादी पार्टी का चुनाव परिणाम अच्छा नहीं रहा। पुरानी हार को ध्यान में रख कर अखिलेश ने कहा कि वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव “निर्णायक” है। फिलहाल हम किसी पार्टी से गठबंधन करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं, क्योंकि इससे काफी समय खराब होता है।

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करारी हार से अखिलेश ने लिया सबक, कहा नहीं करेंगे कांग्रेस से गठबंधन

  • 2017 विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अखिलेश यादव काफी विचारनीय हो गए है।
  • बता दें कि पिछले साल कांगेस पार्टी के साथ गठबंधन करने के बावजूद समाजवादी पार्टी का चुनाव परिणाम अच्छा नहीं था।
  • इसलिए अखिलेश ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव को निर्णायक चुनाव बताया है।
  • अखिलेश यादव ने कहा कि फिलहाल वो किसी दल से गठबंधन का विचार नही कर रहे हैं।
  • अभी वो अपनी पार्टी को मजबूत करने में ज्यादा ध्यान लगाये हुए हैं।
  • साथ ही अखिलेश ने ये भी कहा कि गठबंधन के विचार में काफी समय ख़राब होता है।
  • 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से ही सभी पार्टियों में वैचारिक गतिबिधियाँ देखी जा रही है।
  • पुरानी हार को ध्यान में रख कर अखिलेश हर कदम चलते नजर आ रहे है।

क्या कहा अखिलेश ने

  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय उनकी प्राथमिकता सपा के वोट बैंक को मजबूत करने की है।
  • उन्होंने कहा कि, “अगर आप मजबूत होंगे तो आपकी दावेदारी ज्यादा मजबूत होती है।”
  • पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राजनीति करने का अंदाज अलग है।
  • अभी वह समान विचारधारा वाले दलों के साथ दोस्ती को तैयार हैं।
  • लेकिन वर्ष 2019 के चुनाव में अभी समय है।
  • और अभी वो गठबंधन के विचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहते है।
  • अखिलेश ने कहा कि वह सपा कार्यकर्त्ताओं में जोश भरने के लिए एक बार फिर ‘रथ यात्रा’ निकालेंगे।
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