Main Sliderउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयलखनऊ

‘जय श्रीराम’ बोलने को अखिलेश ने बताया निकृष्टतम राजनीति, फालोअर्स ने घेरा

लखनऊ। शनिवार को कन्नौज की सभा में जय श्रीराम के नारे को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रविवार को भी कमेंट किया है। उन्होंने इसे निकृष्ठतम राजनीति करार दिया है और कहा कि यह दौर निकृष्टतम राजनीति के दौर से ही गुजर रहा है लेकिन जनता झांसे में नहीं आने वाली है। वह सत्ता का विरोध करने वालों के साथ खड़ी है। अखिलेश यादव की ट्वीट के बाद उनके फालोअर्स ने ही उन्हें घेर लिया।

रविवार को सुबह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि देश की राजनीति व्यक्तिगत धमकियों से होती हुई सार्वजनिक मंचों पर षड्यंत्रकारियों तक को भेजकर राजनेताओं को बदनाम करने की साज़िश के निकृष्टतम दौर से गुजर रही है, लेकिन आज की समझदार जनता सब समझकर सत्ताधारियों के झांसे में नहीं आनेवाली बल्कि सत्ता का विरोध करनेवालों के साथ खड़ी है।

गौरतलब है कि शनिवार को अखिलेश यादव की कन्नौज में आयोजित सभा में एक युवक ने जय श्रीराम बोल दिया। इसके बाद अखिलेश यादव आग बबूला हो गये और पुलिस वालों को भी मंच से फटकार लगायी। रविवार को उनका ट्वीट इसी मुद्दे को लेकर किया गया।

उनका ट्वीट आते ही एक फालोअर आरती ने लिखा मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी और उन्हीं के सुपुत्र ने जय श्रीराम का नारा लगाने वाले को पिटवा दिया। आगे लिखती है कि “राम नाम सत्य है” के कहे बिना हिंदुओं की अंतिम विदाई भी नहीं होती। राम नाम बिन गति नहीं, फिर भी मुस्लिम परस्ती राजनीति के लिए राम नाम से अखिलेश को इतनी नफरत।

एक दूसरे फालोअर आरके पांडेय ने लिखा, ‘केजरीवाल ने हनुमान चालीसा पढक़र अपनी लाज बचाई। जो राम से दुश्मनी ली वह हनुमान जी के हाथों अपनी जान गवाई।

loading...
Loading...