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प्रचार ऑफलाइन, अब WFH की सलाह? अखिलेश का मोदी सरकार पर वार

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खाड़ी संकट और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के दबाव के बीच जनता से ‘संयम’ बरतने की अपील पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए तंज कसा कि जैसे ही चुनाव खत्म हुए, सरकार को अचानक देश में संकट याद आ गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री वर्क-फ्रॉम-होम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बात कर रहे हैं, तो उन्होंने स्वयं चुनाव के दौरान डिजिटल माध्यमों से प्रचार क्यों नहीं किया और भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर विमानों का उपयोग क्यों किया? अखिलेश ने इसे सरकार की नाकामी का सबूत बताते हुए कहा कि भाजपा ही देश के लिए सबसे बड़ा संकट बन गई है।

सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री की अपील को “जुमलाई अर्थव्यवस्था” पर करारी चोट बताया और पूछा कि यदि इतनी पाबंदियां लगाई जाएंगी, तो ‘5 ट्रिलियन डॉलर’ की इकोनॉमी का सपना कैसे पूरा होगा? उन्होंने गिरते रुपये और बढ़ते डॉलर का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गई है।

सोना न खरीदने की अपील पर अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने कटाक्ष किया कि यह सलाह आम जनता को नहीं, बल्कि उन भाजपा नेताओं को देनी चाहिए जो अपनी “काली कमाई” को सोने में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ से गुवाहाटी तक पता कर लीजिए, जनता तो वैसे भी महंगाई के कारण सोना खरीदने की स्थिति में नहीं है।

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चेतावनी दी कि सरकार की इस तरह की अपील से बाजार में मंदी और महंगाई की आशंका बढ़ेगी, जिससे जनता में घबराहट और निराशा फैल जाएगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी विदेश नीति और गृह नीति दोनों में विफल रही है और अब अपनी नाकामियों का बोझ जनता पर डाल रही है। अखिलेश के अनुसार, भारत की परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से हटने का खामियाजा आज देश को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा ने समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का ‘बंटाधार’ कर दिया है और जनता के भीतर पनपा यह आक्रोश अब किसी चुनावी जुगाड़ से शांत नहीं होगा।

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