• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बैंक हड़ताल का ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन ने किया समर्थन

Desk by Desk
14/03/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन ने निजीकरण के विरोध में 15 व 16 मार्च को हो रही दो दिवसीय बैंक हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। साथ ही प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की है। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने आज कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण एक जनविरोधी कदम है।

निजीकरण असामाजिक भी है। बैंकों को अब सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से निजी घरानों के लाभ की खोज में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के कठिन दौर में बैंकों के निजीकरण से रोजगार के अवसर बुरी तरह प्रभावित होंगे। निजी बैंक न्यूनतम मानवशक्ति से काम चलाते हैं और कर्मियों को भारी मानसिक दबाव में काम करना पड़ता है।

बैंकों के निजीकरण से आम लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पडेगा और उनकी जमा धनराशि भी सुरक्षित नहीं रह जाएगी। इंडस इंड बैंक और पीएमसी बैंक में पैसा डूबने से निजीकरण के नाम पर आम लोग काफी दहशत में हैं। एआईपीईएफ ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के साथ-साथ केंद्र सरकार ने बिजली क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के निजीकरण के लिए व्यापक नीति अपनाई है।

संविधान की सिफारिशों को लागू करना राज्यपाल की जिम्मेदारी : शरद पवार

एआईपीईएफ ने केंद्र सरकारों की निजीकरण नीति का पुरजोर विरोध करते हुए सभी केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली के निजीकरण के फैसले और हाल ही में बिजली अधिनियम 2003 में संशोधन के कदम से निजी कंपनियों को राज्यों की वितरण प्रणाली में प्रवेश करने की अनुमति दी। एआईपीईएफ ने केंद्र सरकार की उस नीति की निंदा की जो अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के पूरी तरह खिलाफ है और कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में तैयार की गई है।

Tags: All India Power Engineers Federationbank strikepower engineersPrivatizationSupporttwo-dayऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्सदो दिवसीयनिजीकरणबिजली इंजीनियरोंबैंक हड़तालसमर्थन
Previous Post

केरल विधानसभा चुनाव : कांग्रेस ने 86 प्रत्याशियों की सूची जारी की

Next Post

ममता बनर्जी का सहानुभूति प्राप्त करने का नाटक बहुत दिन नहीं चलेगा : कैलाश विजयवर्गीय

Desk

Desk

Related Posts

Glowing Skin
Main Slider

किचन में मौजूद इस चीज से फेस बनेगा ब्राइट, जानें इस्तेमाल का तरीका

27/08/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

CM Dhami ने फिल्म ‘बाला गौरिया’ के टीजर एवं पोस्टर का लोकार्पण किया

26/08/2026
CM Dhami
Main Slider

नेपाल बाढ़ : मुख्यमंत्री ने जताया दुख, उत्तराखंड के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
UPTET 2026
Main Slider

UPESSC ने घोषित किया UPTET 2026 का परिणाम, 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफल

26/08/2026
1070 helpline issued to help citizens of Uttar Pradesh stranded in Nepal
Main Slider

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
Next Post
कैलाश विजयवर्गीय kailash vijay vargiy

ममता बनर्जी का सहानुभूति प्राप्त करने का नाटक बहुत दिन नहीं चलेगा : कैलाश विजयवर्गीय

यह भी पढ़ें

Karwa Chauth

करवा चौथ पर बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग, इन राशि वालों पर बरसेगी धन दौलत

17/10/2024
macaroni

मैक्रोनी खाने से एक भाई की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

23/06/2022
रघुवंश बाबू का अंतिम संस्कार

रघुवंश बाबू का अंतिम संस्कार आज, पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

14/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version