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मुलायम और अखिलेश के साथ संसद में भी उठाऊंगा जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा : डॉ बर्क़

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रामपुर(मुजाहिद खान): समाजवादी पार्टी के क़द्दावर नेता रामपुर सांसद आज़म खान जोकि पिछले 11 महीने से अपने बेटे अब्दुल्ला आज़म के साथ सीतापुर जेल में बंद है जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ तंजीन फातिमा भी 34 मुकदमों में ज़मानत होने के बाद लगभग 10 महीने जेल में रहने के बाद पिछले महीने ही सीतापुर जेल से छुटी हैं।

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जेल से छूटने के बाद से लगातार सपा के नेताओं साथ अन्य पार्टियों से जुड़े सियासी दिग्गजों का रामपुर आना जारी है और आजम खान की पत्नी और परिवार से मुलाकात कर रहे हैं। जिसमें 2 दिन पहले ही सपा मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी साल भर से ज़्यादा समय से परेशानियों में घिरे आज़म खान और उनके परिवार का अब हालचाल लेने लाव लश्कर के साथ रामपुर आ चुके हैं। वही सम्भल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क भी रामपुर पहुंचे और आजम खां की पत्नी डॉ तंज़ीन फात्मा से मुलाकात कर हालचाल जाना और कई मुद्दों पर बात की।

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इसके साथ ही डॉ बर्क़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी बहन तंज़ीन फातमा जेल से छूटी हैं उनके जेल जाने की तकलीफ रही कि उनको खामख्वाह जेल भेजा गया। उनका कोई जुर्म भी नहीं था। उनके छूटने पर उनसे उनका दुख दर्द जानने और हालचाल पूछने आया था। साथ ही आजम खान और उनके बेटे का क्या हाल है पूछा और आप किस हालात में जेल में रही।और अब हमें क्या करना है जिसके लिए उन्होंने कुछ गाइडलाइंस दी हैं जिसको पूरा करने और उस सिलसिले को पूरा करने की कोशिश करूंगा।

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डॉ बर्क़ ने कहा कि इस सब के लिए खास तकलीफ है खास तौर से जो है वह जौहर यूनिवर्सिटी जो कि सबके लिए है तालीमी इदारा है इससे बड़ी चीज क्या हो सकती है उसको नुकसान पहुंचाने के लिए साजिशें और मैं चाहूंगा कि साजिश को खत्म करने के लिए हमें सब को मिलकर काम करना है। कहा कि पार्लियामेंट सेशन शुरू होने वाला है जिसके लिए अखिलेश यादव और उनके पिता नेता मुलायम सिंह यादव से मिलकर कहूँगा कि इसमें सब मिलकर एक पॉलिसी बनाकर कोई फैसला लिया जाए।

कहा कि सरकार ने उनके और उनके परिवार के साथ इन्तेहाई न काबिले बर्दाश्त रवैया इख्तियार किया है जुल्म किया है। आज़म खान का कैरियर पूरी मिल्लत के लिए पूरे मुल्क के लिए साफ सुथरा रहा है। शिक्षा से जुड़े लोगों से भी कहना चाहूंगा कि इस यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए हर तरीके से कोशिश करें और आगे आएं।इस दौरान डॉ बर्क़ के साथ उनके पौत्र जियाउर्रहमान बर्क़ भी साथ में मौजूद रहे।

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