अमृतसर हादसा : ट्रेन के लोको पायलट ने कहा- ग्रीन सिग्नल मिला तो बढाया ट्रेन

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अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन देखने के दौरान एक ट्रेन की चपेट में आकर 61 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी है। शनिवार को रेलवे ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं अमृतसर हादसा पर केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके ट्रेन ड्राईवर को क्लीनचिट दी है। इसके बाद ट्रेन के लोको पायलट का बयान सामने आया है। जिसमें उसने कहा है कि ट्रेन को ग्रीन सिग्नल मिली तभी ट्रेन को आगे बढाया गया है। ग्रां सिग्नल मिलने का मतलब होता है रास्ता बिलकुल साफ़ है। वहीँ कुछ अधिकारियों का कहना है कि बहुत ज्यादा धुएं के चलते ड्राइवर को कुछ नजर नहीं आया।

अमृतसर हादसा में किसका कितना दोष यह अभी साफ़ नहीं

इस मामले में ट्रेन के लोको पायलट से पंजाब पुलिस ने पूछताछ की है। आईएएनएस के मुताबिक लोको पायलट ने पुलिस को बताया है कि उसे चलने के लिए ग्रीन सिग्नल मिला था जिसका मतलब होता है आगे सब साफ है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों के निकट हो रहे दशहरा कार्यक्रम के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया गया था। लोहानी ने बताया कि ट्रेन अपनी निर्धारित गति से चलती है और शुरुआती रिपोर्ट से मालूम होता है कि चालक ने ब्रेक लगाए थे और ट्रेन धीमी हो गई थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास न तो इसकी कोई सूचना थी और न ही हमसे अनुमति ली गई थी।

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कार्यक्रम 6 बजे शाम को होने वाली थी लेकिन नवजोत कौर के देर से आने के कारण कार्यक्रम 7:15 बजे शुरू हुआ। उसी वक़्त ट्रेन की चपेट में करीब 150 लोग आ गये। घटना के वक़्त नवजोत कौर मौके पर ही मौजूद थी, फिर भी वो वहां से चंपत होती नजर आयीं। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वो पहले ही जा चुकी थी। सिद्धू भी अपनी पत्नी के बचाव में बयान देते हुए नजर आये। सिद्धू ने तो घटना को प्राकृतिक आपदा करार दिया है। पंजाब मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने है कि इस घटना में राजनीति करने का वक़्त नहीं है हमें साथ मिलकर जरुरतमंदों की मदद करनी है।

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