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राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Anand Bardhan

Anand Bardhan

देहरादून। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने परियोजनाओं के चयन और प्राथमिकता निर्धारण पर विशेष जोर दिया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन (Anand Bardhan) की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (एसएलएससी) की बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई परियोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों की स्थानीय आवश्यकताओं और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में परियोजनाओं की प्राथमिकता स्पष्ट होनी चाहिए और सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम में तैयार की जाए।

कनेक्टिविटी, संचार और पर्यटन पर विशेष फोकस

आनन्द बर्द्धन ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में सड़क और विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ नेटवर्क, टेलीविजन और संचार सुविधाओं के विस्तार वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा करने वाली योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय सेना, एसएसबी और आईटीबीपी से संबंधित आवश्यक परियोजनाओं को भी समिति के समक्ष रखा जाए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक और स्थानीय आवश्यकताओं को समग्र रूप से ध्यान में रखा जा सके।

अन्य योजनाओं से फंडिंग वाली परियोजनाओं को अलग करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, उन्हें संबंधित योजनाओं के माध्यम से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए। ऐसी परियोजनाओं को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सूची से हटाकर उनके स्थान पर अन्य आवश्यक और उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत प्रस्तावित सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता निर्धारित करने के बाद ही केंद्र सरकार को भेजा जाए।

हर संबंधित जिले से तैयार होंगे पांच बड़े प्रोजेक्ट

मुख्य सचिव ने प्रत्येक संबंधित जनपद से पांच-पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का चयन इस प्रकार किया जाए कि वे वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

प्रस्ताव तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं के साथ कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन, आजीविका, रोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, डीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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