• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आषाढ़ अमावस्या पर इस विधि से करें पूजन, पितरों को मिलेगी शांति

Writer D by Writer D
05/07/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jyeshtha Amavasya

Jyeshtha Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या (Ashadh Amavasya) 05 जुलाई 2024, दिन शुक्रवार को मनाई जा रही हैं। धार्मिक ग्रंथों के लिए इस अमावस्या का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन किए जाने वाले धार्मिक कर्मों के लिए भी इसे विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन पवित्र नदी और तीर्थ स्थलों पर स्नान का कई गुना फल मिलता है। आषाढ़ी अमावस्या (Ashadh Amavasya) को दान-पुण्य और पितरों की आत्मा की शांति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

पूजा विधि :

– आषाढ़ अमावस्या (Ashadh Amavasya) के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई करें।
– इस दिन स्नान के पूर्व जल को प्राणाम करें।
– स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें।
– अब किसी नदी या ताल के समक्ष सूर्यदेव को अर्घ्‍य अर्पित करें।
– पुष्प, फल, धूप, दीप, अगरबत्ती आदि चीजों से भगवान विष्णु और शिव-पार्वती जी तथा तुलसी का पूजन करें।
– इसके बाद पितरों के निमित्त तर्पण और पूजन करें।
– पूजन समाप्ति के बाद आरती करें।
– आरती के बाद सभी को प्रसाद वितरण करें।
– प्रसाद वितरण के बाद चीटियों को आटा मिश्रित शकर खिलाएं, गाय, कौए और कुत्ते को भोजन कराएं।
– इसके बाद जरूरतमंद, गरीबों या ब्राह्मणों को भोजन कराएं, तत्पश्चात स्वयं भोजन ग्रहण करें।

आषाढ़ अमावस्या (Ashadh Amavasya) शुभ के मुहूर्त

05 जुलाई 2024, शुक्रवार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या (Ashadh Amavasya)

आषाढ़ कृष्ण अमावस्या (Ashadh Amavasya) का प्रारम्भ -05 जुलाई 2024, दिन शुक्रवार को अलसुबह 04:57 मिनट से।
अमावस्या का समापन- 06 जुलाई 2024, दिन शनिवार को सुबह 04:26 मिनट पर होगा।

राहुकाल- सुबह 10:41 से दोपहर 12:26 तक।

गुलिक काल- सुबह 07:13 से 08:57 तक।

अभिजित मुहूर्त- अपराह्न 11:58 से 12:54 तक।

अमृत काल- सायंकाल 06:01 से 07:38 तक।

Tags: Ashadh AmavasyaAshadh Amavasya muhuratAshadh Amavasya pujaAshadh Amavasya vratAshadh AmavasyadateAstrologyAstrology tips
Previous Post

सावन में करें मात्र ये 3 उपाय, कर्ज से मिल जाएगा छुटकारा

Next Post

इस दिन से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा, दर्शन से मिलता 1000 यज्ञों का पुण्य

Writer D

Writer D

Related Posts

Cumin
फैशन/शैली

फेस पर करें जीरे का स्क्रब, स्किन पर आएगा ग्लो

13/05/2026
फैशन/शैली

झड़ते-गिरते बालों से है परेशान, तो करें ये उपाय

13/05/2026
mango pickle
फैशन/शैली

सालों-साल तक अचार नहीं होंगे खराब, इन तरीकों से करें रखरखाव

13/05/2026
Curling Iron
फैशन/शैली

बालों को बर्बाद कर सकता हैं आपका कर्लिंग आयरन

13/05/2026
Ganesha
धर्म

बरसेगी गणपति जी की कृपा, बुधवार के दिन करें ये उपाय

13/05/2026
Next Post
Jagannath Rath Yatra

इस दिन से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा, दर्शन से मिलता 1000 यज्ञों का पुण्य

यह भी पढ़ें

Haldwani violence

Haldwani Violence: गिरफ्तार हुआ हिंसा का मास्टरमाइंड, अब तक 60 से ज्यादा हिरासत में

11/02/2024
smugglers Arrested

1 करोड़ की हेरोइन बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

29/10/2022
massive fire in ferry

सिंधु बॉर्डर पर किसानों के टेंट में लगी आग, महिला झुलसी

11/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version