इस खतरनाक बीमारी से पीड़ित थे अटल बिहारी वाजपेयी, जानिए इससे बचने के उपाए

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नई दिल्ली। 16 अगस्त शाम 5:05 पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया । बता दें उन्हें डिमेंशिया, किडनी ट्रैक्ट इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, पेशाब आने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत होने की वजह से 11 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (एम्स) में भर्ती कराया गया था। जहां बुधवार 15 अगस्त को उनकी हालत बिगड़ने लगी।

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डिमेंशिया से कमजोर हो जाती है इंसान की याददाश्त  

डिमेंशिया एक ऐसी अवस्था है जिसमें इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती है। इस बीमारी से लोग अवसाद में चले जाते हैं। ये आपके निर्णय लेने की क्षमता को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है। इसमें व्यक्ति के लिए कुछ याद रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस गंभीर बीमारी से बचने के लिए कोई दवा टीका नहीं होता है। अगर आपको इससे बचना है तो जरूरी है कि आप एक संतुलित जीवनशैली अपनाएं।

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स्वस्थ मस्तिष्क संबंधित आहार करने से डिमेंशिया का जोखिम कम

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 एक शोध के अनुसार स्वस्थ मस्तिष्क संबंधित आहार के सेवन से डिमेंशिया के होने के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी अपनी डाइट में हरी सब्जिया, फल, साबुत अनाज और मैग्नीशियम का सेवन करना होगा। इसके अलावा दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन बी 12, विटामिन सी, विटामिन ई और फोलेट भी मदद करते हैं।

रोजाना व्यायाम करने की डालें आदत 

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अपनी डाइट के साथ रोजाना व्यायाम करने की आदत डालें। आपकी ये आदत आपके मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ-साथ डिमेंशिया होने के खतरे को कम करती है। आप चाहे तो कार्डियोवास्कुलर व्यायाम जैसे पैदल चलना, तैरना और दौड़ना भी कर सकते हैं। नियमित व्यायाम करने से आपके दिल की पंपिंग बल को मजबूती मिलती है साथ ही यह मस्तिष्क तक पहुंचने वाले रक्त प्रवाह को बढ़ाते हैं।

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समाज में मिल जुलकर रहने से भी डिमेंशिया के जोखिम को कम

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समाज में मिल जुलकर रहने से भी डिमेंशिया के जोखिम को कम किया जा सकता है। अपने परिवार के लोगों और दोस्तों के साथ मिल-जुल कर रहना चाहिए, क्योंकि ये समाजिक गतिविधियां शारीरिक और मानसिक गतिविधि को जोड़ने का काम करती है। जो कि हमारे दिमाग के लिए काफी अच्छा होता है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं के बीच संपर्क को उत्तेजित करता है।

 

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