ऑटो चालक ने लौटाए नेवी अधिकारी के 3 लाख रूपये

नेवी
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लखनऊ। कानपुर से लखनऊ रिष्तेदार के घर आए नेवी में लेफ्टिनेंट की खोयी अटैची लार्ट्स   के प्रयास से मिल गया। अटैची में तीन लाख रूपये नकद, सोने की अंगूठी आदि जरूरी सामान था। पीड़ित परिवारीजनों ने गोमती नगर थाने में भी सामान गायब होने की लिखित षिकायत की थी। सामान मिलने के बाद लार्ट्स के पदाधिकारियों और चालक को धन्यवाद दिया और सराहना की।

कानपुर से लखनऊ आया था परिवार

हरदोई निवासी जेके मिश्रा विषाखापट्टनम में नेवी में लेफ्टिनेंट हैं। वह कानपुर निवासी पत्नी नीना मिश्रा और ससुर अनिल कुमार पांडेय के साथ गुरूवार दोपहर को लखनऊ आए थे। चारबाग रवींद्रालय स्टैंड से जेके मिश्रा ने गोमती नगर अपनी रिष्तेदार के घर जाने के लिए आॅटो की, आॅटो से रिष्तेदार के घर उतर गए। लेकिन परिवारीजन अटैची आॅटो से निकालना भूल गए। आॅटो (यूपी 32 जीएन 7842) चालक मुकेष सिंह ने भी सामान का ध्यान नहीं दिया और दूसरी सवारी लेकर आगे निकल गया।

अटैची सकुषल हुई बरामद 

बाद में परिवारीजनों ने मामले की जानकारी गोमती नगर थाने और रवींद्रालय स्टैंड के संचालक सोनू रावत को दी। जिसके बाद सोनू ने लखनऊ आॅटो रिक्षा थ्री व्हीलर संघ (लार्ट्स) के पदाधिकारियों को सूचना देने के साथ आॅटो की तलाष परिवारीजनों के पहचान के मुताबिक शुरू कर दी। करीब चार घंटे बाद षाम को लार्ट्स के पदाधिकारियों के प्रयास से अटैची सकुषल चालक से बरामद कर ली गई।

रुपये समेत मौजूद था यह सामान 

लार्ट्स के केकेसी स्थित कार्यालय पर अध्यक्ष पंकज दीक्षित, किषोर वर्मा व अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में परिवारीजनों को अटैची सुपुर्द की गई। पंकज दीक्षित ने बताया कि अटैची में तीन लाख रूपये नकद, सोने की तीन, जेके मिश्रा का नेवी का आईडी कार्ड आदि जरूरी सामान था। जिसे पाकर परिवारीजन बहुत खुष हो गए। उन्होंने लार्ट्स को पुरस्कार स्वरूप रूपयों की पेषकष की, लेकिन पदाधिकारियों ने रूपये लेने से इनकार कर दिया। पूरे परिवार ने लार्ट्स को धन्यवाद दिया और खूब सराहना की। चालक को एक हजार रूपये का पुरस्कार दिया।

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