अयोध्या केस: ऐतिहासिक मामले को सुलझाने में इन वकीलों ने दिया अहम योगदान, छोड़ दी सगाई

अयोध्या
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उत्तर प्रदेश। कई वर्षों से अयोध्या में चल रहा विवाद अब खत्म हो चुका हैं क्यूंकि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया हैं। जिसे हर किसी को स्वीकार करना पड़ेगा। क्यूंकि फैसले के आने से पहले सभी लोगो ने यह दावा किया था, कि सभी लोग कोर्ट के फैसले को शांतिपूर्वक स्वीकार करेंगे। बता दें कि यह एक ऐतिहासिक फैसला था और इस मामले को लेकर इससे जुड़े वकीलों की भी काफी चर्चा हो रही है।

अयोध्या केस में के पराशरन, सी एस वैद्यनाथन, रंजीत कुमार, राजीव धवन, जफरयाब जीलानी, पीएस नरसिम्हा समेत कई बड़े वकीलों ने अपना पक्ष रखा। दिन-रात काम कर इन वकीलों ने केस को उस मुकाम तक पहुंचाया, जिसे बदलते इतिहास के तौर पर देखा जा रहा है। इन वकीलों में कुछ ऐसे वकील भी थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी के अनमोल क्षण के बारे में भी एक बार नहीं सोचा और लगातार काम करते रहे।

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हिंदू पक्ष के प्रतिनिधित्व पीवी योगेश्वर

अयोध्या केस में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले पीवी योगेश्वर ऐसे वकील हैं जिन्होंने इस केस को मुकाम तक पहुंचाने में अपना अहम योगदान दिया। योगेश्वर ने 1994 में लॉ की डिग्री हासिल की इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एस बालाकृष्णन के साथ प्रैक्टिस शुरू की। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद जब अयोध्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तब से योगेश्वर इस केस से जुड़े रहे। पीवी योगेश्वर हर रोज पांच घंटे सिर्फ अयोध्या केस पर ही देते थे।

पुराने रिकॉर्ड खंगालने में लगता था काफी समय

पीवी योगेश्वर की तरह ही वकील भक्ति वर्धन सिंह भी अयोध्या केस से जुड़ी जानकारी जुटाते थे। भक्ति वर्धन ने बताया कि विवाद से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन करने के साथ पुराने रिकॉर्ड खंगालते थे, जिसमें कई बार काफी लंबा समय लग जाता था। उन्होंने कहा कि मेरे जैसा वकील अपनी पूरी जिंदगी में जितना कुछ सीख सकता था, उससे कहीं ज्यादा मैंने शायद 9 साल तक इस केस पर काम करते हुए सीख लिया।

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अयोध्या मामले के चलते छोड़ दी अपनी सगाई

आकृति चौके वरिष्ठ वकील जो एजाज मकबूल की सहयोग हैं। आकृति चौके ने बताया कि उनकी सगाई तय थी। लेकिन उन्होने इस मामले के चलते अपनी सगाई की तारीख को आगे बढ़ा दिया। कोर्ट की सुनवाई 6 अगस्त से लेकर 16 अक्टूबर तक थी। ऐसे में आकृति को छुट्टी लेनी पड़ती। आकृति ने अपनी सगाई से पहले अयोध्या केस को महत्व दिया। आकृति ने बताया कि समय कम होने के कारण अब उनकी सगाई नहीं होगी और वह सीधे शादी करेंगी।

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