भाजपा को झटका, बहराइच सांसद सावित्रीबाई फुले ने पार्टी से दिया इस्तीफा

लखनऊ। भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सावित्री का कहना है कि पार्टी समाज में विभाजन पैदा कर रही है। बता दें कि सावित्री बाई फूले यूपी के बहराइच से लोकसभा पहुंची हैं।

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सावित्री बाई फुले ने कहा कि भाजपा दलित, पिछड़ा व मुस्लिम विरोधी है और आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है। सावित्री बाई ने भाजपा पर देश के संविधान को बदलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो संविधान लागू किया जा रहा है और न ही आरक्षण। केंद्र सरकार ने मेरी मांगों को ठुकराया है। क्योंकि सरकार दलित विरोधी है।

सावित्री बाई ने कहा कि भाजपा बहुजनों के हित में कोई कार्य नहीं कर रही है। यहां तक कि समतामूलक समाज की स्थापना करने वाले बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ने वालों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कार्यकाल पूरा होने तक सांसद रहेंगी। सिर्फ पार्टी से इस्तीफा दिया है। हनुमान जी को दलित बताए जाने पर सावित्री बाई फुले ने कहा कि हनुमान जी दलित थे लेकिन मनुवादियों के खिलाफ थे। तभी राम ने उन्हें बंदर बना दिया।

वहीं, राम मंदिर पर सावित्री बाई फुले ने कहा कि दलितों को मंदिर नहीं संविधान चाहिए। देश संविधान से चलेगा । मनुस्मृति से नहीं।

बता दें कि, बीते दिन ही हराइच से सासंद सावित्रीबाई फुले ने देश भर में चल रहे हनुमान जी की जाति के विवाद में कूदते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे का समर्थन किया था। सांसद ने कहा था कि हनुमान जी दलित थे। हालांकि उन्होंने योगी के बयान से बढ़कर बोलते हुए कहा कि हनुमान जी मनुवादियों के गुलाम थे।

 

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