योगी का पतंजलि को बड़ा झटका, रामदेव के सहयोगी बोले- यूपी में काम नहीं धींगा-मस्ती हो रही

पतंजलि
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नई दिल्ली। यूपी में योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजली को बड़ा झटका लगा है। यहां पर योगी सरकार ने मेगा फ़ूड पार्क के लिए जमीन हस्तांतरण की मंजूरी नहीं दी है। जिसके बाद कंपनी ने अपने मेगा फूड पार्क को यूपी से बाहर शिफ्ट करने का ऐलान किया है। इस बारे में मंगलवार को कंपनी की तरफ से कहा गया कि वह यूपी सरकार के असहयोगपूर्ण रवैये के कारण राज्य में यमुना एक्सप्रेसवे के पास 6,000 करोड़ रुपए के मेगा खाद्य प्रसंस्करण परियोजना को छोड़ रही है। हालांकि योगी सरकार की तरफ से कहा गया है कि सरकार ने अंतिम मंजूरी पाने के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करने हेतु पतंजलि को एक और महीने का समय दिया है।

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पतंजलि को मंजूरी न मिलने पर भड़के बालकृष्ण

वहीं इस मामले में योगी सरकार द्वारा मंजूरी न दिए जाने पर रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण ने योगी सरकार परा जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वे चाहते थे भगवान राम कृष्‍ण की भूमि के लिए बड़ा काम करें और किसानों के लिए बड़ा काम करें। इसके लिए केंद्र सरकार का फूड प्रॉसेसिंग मंत्रालय ने उनकी कंपनी को सहयोग भी दिया। जिसके लिए पेपर फॉर्मेलिटी होनी होती है।

बालकृष्णने बताया कि उन्होंने यूपी सरकार से निवेदन किया था कि उनके पेपर फॉर्मेलिटी पूरी करा दें। लेकिन योगी सरकार ने पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने साइट पर बड़े पैमाने पर काम शुरू भी कर दिया था। लेकिन यूपी सरकार की उदासीनता की वजह से फूड पार्क का समय निकल गया। इस वजह से हमने तय किया कि अब हम काम नहीं करेंगे। अब भगवान हमें जहां ले जाएगा वहां काम करेंगे।

इस बातचीत में बालकृष्ण से पूछा गया कि बीजेपी अध्‍यक्ष बीते दिन बाबा रामदेव के पास गए थे तो फूड पार्क को लेकर बात क्‍यों नहीं की? कनेक्शन में कहां दिक्‍कत है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ‘योगी जी से कई बार बाबा रामदेव मिल चुके हैं। बात कर चुके हैं। ये यूपी के विकास की बात थी। उन्होंने पूरा पेमेंट देकर जमीन ली थी। पिछली सरकार ने बहुत तेजी से काम किया था। अमित शाह जी से पहले भी मुलाकात होती रही है, लेकिन हमने कभी किसी कार्य को राजनीतिक रूप से नहीं कराया।

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इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि आप बहुत गंभीर आरोप योगी आदित्‍यनाथ पर लगा रहे हैं। क्‍या उपचुनाव में हार की वजह से आपको भी एक मौका मिल गया है। योगी को घेरने का? बालकृष्ण ने इसके जवाब में कहा कि नहीं, ऐसा नहीं है। योगी जी का हम सम्‍मान करते हैं। उनके विचार का भी हम सम्‍मान करते हैं. बात सिर्फ काम की है। सरकार के जो भी नुमाइंदे हैं। उन्‍होंने काम नहीं किया तो हम फूड पार्क शिफ्ट कर रहे हैं। उन्‍होंने कार्य नहीं किया ये सच बात है। आप हमारी फाइलों के बारे में पता करें। पता करेंगे तो पता चलेगा कि सरकार काम नहीं कर रही सिर्फ धींगा-मस्ती हो रही है।

योगी सरकार ने जमीन के हस्तांतरण के लिए मंजूरी नहीं दी

बता दें कि इस मामले में पतंजलि कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) को राज्य सरकार से जमीन के हस्तांतरण के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं मिल सकी है। हरिद्वार स्थित इस कंपनी ने अपनी ही एक कंपनी पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क के माध्यम से घरेलू और निर्यात बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वाईएआईडीए में 425 एकड़ भूमि में एक संयंत्र स्थापित करने के लिए 6,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव रखा था।

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