कालेधन को सफ़ेद करने के निजी स्वार्थ के लिए की गयी नोटबंदी: ममता

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कोलकाता। देश में नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर विपक्षी पार्टियों ने इसे काला दिवस के रूप में मनाया। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी को ‘‘डिमो-डिजॉस्टर’’ (नोटबंदी हादसा) करार दिया। साथ ही उन्होंने अपने ट्विटर की डीपी यानी डिस्प्ले पिक्चर को बदलकर हटाकर वहां सिर्फ काली तस्वीर लगा दी।

ममता बनर्जी ने बुधवार को नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोटबंदी बहुत बड़ा घोटाला था जिसकी घोषणा कालाधन को सफेद धन में बदलने के निजी हित में की गयी थी। साथ ही ममता बनर्जी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि नोटबंदी सर्फ सत्तारूढ़ दल के निजी हितों के तहत कालाधन को सफेद धन में बदलने के लिए की गई थी। ममता ने लिखा कि विदेशी खातों से कोई काला धन वापस नहीं लाया जा सका। विशेष रूप से, इसका परिणाम बड़ा, बहुत बड़ा शून्य रहा। नोटबंदी ना आतंकवाद से लड़ सकी और ना ही देश के विकास में उसने कोई योगदान दिया। लेकिन नोटबंदी के इस शैतान के कारण देश अपने सकल घरेलू उत्पाद का करीब तीन लाख करोड़ रुपया गंवा चुका है। उन्होंने लिखा कि करोड़ों कामगारों, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों ने अपना रोजगार गंवा दिया। किसान भूखा है। 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गयी। तृणमूल कांग्रेस ने आज नोटबंदी के विरोध में अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर ‘काला दिवस’ मनाने की घोषणा की है।

बता दें कि नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर बीजेपी जहाँ इसे कालाधन विरोध दिवस के रूप में मना रही है। वहीं विपक्ष इसे सरकार सबसे बड़ा गलत फैसला करार देते हुए विरोध में इसे काला दिवस के रूप में मना रहा है।

 

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