बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने 15 फीसदी वेतन वृद्धि को लेकर किया प्रदर्शन

वेतन वृद्धि
Please Share This News To Other Peoples....

लखनऊ । यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ  बैंक यूनियन के आवाहन पर लखनऊ इकाई ने गुरुवार को  हजरतगंज स्थित सेंट्रल बैंक इंडिया पर बैंकों के कर्मचारी और अधिकारियों ने  प्रदर्शन किया।  पांच वर्ष बाद होने वाले वेतन वृद्धि को लेकर भारतीय बैंक संघ द्वारा दो  फीसदी वेतन वृद्धि के इस प्रस्ताव देने के विरोध में जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए 15 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग की।

बैंकों का कमाया हुआ मुनाफा खराब ऋणों व अन्य वित्तीय अनियमितताओं और फ्रॉड में चला गया

वहीं प्रदर्शन कर रहे बैंक के अधिकारी का कहना है कि देश के 10 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों की 5 वर्ष बाद होने वाली वेतन वृद्धि नवंबर 2017 से विलंबित है। मई 2017 में यूनियन द्वारा मांग पत्र प्रस्तुत कर दिये जाने के बावजूद भी लगभग 6 माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद केवल सेवा शर्तें संबंधित चर्चा वा सहमति बनाने के प्रयास चलते रहे ।  लगातार दबाव डालने के बाद भी अभी तक वेतन वृद्धि पर स्थिति साफ  नहीं की जा रही थी। इन्हीं परिस्थितियों में व विगत 6 माह में बैंकिंग उद्योग में हुए हाहाकारी घोटाले के उजागर होने व फराड ऋणों की पोल खुलने से जहां एक और वातावरण व व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है तो वहीं बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों कि मेहनत से कमाया हुआ मुनाफा खराब ऋणों व अन्य वित्तीय अनियमितताओं और फ्रॉड में चला गया।

ये भी पढ़ें :-पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से मिलेगी राहत, सरकार उठाने जा रही है बड़ा फैसला 

30 व 31 मई को सरकारी गैर सरकारी 10 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी व अधिकारी बैंक बंद करके हड़ताल पर रहेंगे

यूएफ बीयू के प्रतिनिधियों ने सरकारी तंत्र के अधिकारियों से लेकर वित्त मंत्री तक अपनी बातें लिखित में पहुंचाई व व्यक्तिगत मुलाकात कर अपना पक्ष रखा ,लेकिन इसके बावजूद 5 मई  को भारतीय बैंक संघ यूनाइटेड ऑफ  बैंक यूनियंस के बीच वार्ता हुई। जिसमें भारतीय बैंक संघ ने वेतन वृद्धि के लिए  दो  फीसदी वृद्धि का शर्मनाक प्रस्ताव दिया ,जबकि पिछला समझौता 15 फीसदी वृद्धि पर हुआ था। यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ  बैंक यूनियंस के संयोजक  एस के संगतानी ने बताया  ने बताया कि इस बार उससे कहीं अधिक वृद्धि हमारा हक है । यही वजह है कि इस प्रस्ताव को अपमानजनक व अनुचित मानते हुए 2 फीसदी के वेतन वृद्धि को ठुकरा दिया गया है। साथ ही उनका कहना है कि आज के प्रदर्शन में यह निर्णय लिया गया है कि 30 व 31 मई को दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की जायेगी। जिसमें सरकारी गैर सरकारी 10 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी व अधिकारी बैंक बंद करके हड़ताल पर रहेंगे जिसका खामियाजा खुद केन्द्र सरकार देगी।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *