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बसंत पंचमी कब है? नोट कर लें डेट और पूजा-विधि

Writer D by Writer D
20/12/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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Basant Panchami

Basant Panchami

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माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी (Basant Panchami) कहा जाता है। इस दिन सरस्वती पूजा होती है है। इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है। इस दिन को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। बसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये उपयुक्त माना जाता है। इसी कारण से बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है।

2025 में बसंत पंचमी (Basant Panchami) कब है-

2025 में बसंत पंचमी (Basant Panchami) का पर्व 2 फरवरी 2025, रविवार को है।

इस दिन शादी-विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह-प्रवेश व खरीदारी की जाती है। कहते हैं कि इस दिन विवाह के बंधन वाले जातकों को सभी देवी-देवताओं का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जोड़े का बंधन सात जन्मों तक रहता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का तिलकोत्सव हुआ था। इसलिए यह दिन शादी के लिए काफी शुभ माना गया है।

हिंदू मान्यता के अनुसार, बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन ही मां सरस्वती का जन्म हुआ था। प्रचलित एक पौराणिक कथा के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन भगवान ब्रह्मा ने मां सरस्वती की रचना की थी। ब्रह्मा जी ने एक ऐसी देवी की संरचना की, जिनके चार हाथ थे। एक हाथ में वीणा, दूसरे हाथ में पुस्तक, तीसरे हाथ में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती को वीणा बजाने के लिए कहा, जिसके बाद संसार की सभी चीजों में स्वर आ गया। यही कारण है कि उन्होंने सरस्वती मां को वाणी की देवी नाम दिया।

बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा के दौरान मां सरस्वती को कुछ खास चीजों का भोज लगाने से बुद्धि के वरदान की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि:

प्रातः काल स्नान कर पूजा स्थल पर एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं, उस पर मां सरस्वती का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद कलश, भगवान गणेश और नवग्रह पूजन कर मां सरस्वती की पूजा करें। मिष्ठान का भोग लगाकर आरती करें।

Tags: Basant Panchami importancebasant panchami muhurt
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