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मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है सिंगल रहना ,विज्ञान ने भी माना

स्वास्थ्य डेस्क. जब हम किसी लड़के या लड़की से बात करते है, तो उससे बातों ही बातों में पूछ लेते है कि आप सिंगल हो या फिर कमिटेड . सबकी अपनी-अपनी निजी जिंदगी है . हर किसी का जिंदगी जीने का अलग तरीका है. वहीं अगर बात करें सिंगल व्यक्ति की तो उसे अपने जीवन में कभी कोई टेंशन या परेशानी में आपने नहीं देखा होगा . वह अपना वक्त और जीवन अपने तरीके से बिताता हैं .

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अगर आप सिंगल हैं तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। विज्ञान भी इस बात को मानता है कि सिंगल रहना मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा रहता है। अब जब वैलेंटाइन वीक चल रहा है, तो ऐसे में अगर आपकी गर्लफ्रेंड नहीं है, तो यह बात आपको सुकूं दे सकती है, क्योंकि सिंगल रहना एक तरह से आपकी सेहत के लिए अच्छा ही है।

रिलेशनशिप एक्सपर्ट कहते हैं कि कुछ लोग अकेले रहने से बहुत डरते हैं। उनको लगता है कि अकेला रहना जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। जबकि ऐसा नहीं है।

रिलेशनशिप को लेकर कई तरह के अध्ययन होते रहते हैं। ऐसा ही एक अध्ययन साल 2016 में हुआ था जिसमें बताया गया था कि सिंगल लोग शारीरिक और मानसिक तौर पर शादीशुदा और रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों से ज्यादा तंदुरुस्त होते हैं। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया ने किया था।

इस अध्ययन के निष्कर्ष के लिए सिंगल और वैवाहिक लोगों पर हुए 800 अध्ययनों की पड़ताल की गई थी। और तब जाकर शोधकर्ताओं ने इस बात को माना कि रिलेशनशिप और शादीशुदा लोगों के मुकाबले सिंगल लोग ज्यादा स्वस्थ्य रहते हैं। सिंगल रहना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा है।

यह तो रही एक सर्वे की बात इसी तरह के कई सर्वे और अध्ययन हुए हैं जिनमें सिंगल रहने के फायदे बताए गए हैं।

इसी तरह के एक दूसरे अध्ययन में भी रिलेशनशिप की बजाय सिंगल रहने को ज्यादा बढ़िया बताया गया है। तेरह हजार पुरुष और महिलाओं पर हुए इस सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई कि सिंगल रहने वाले लोग दूसरे लोगों को बेहतर तरीके से समझते हैं। इसमें यह भी बताया गया कि सिंगल लोगों बीएमआई भी कम रहता है।

  • आप अपनी जिंदगी अपने तरीके से बिना किसी शर्म के बिता सकते हैं। आपको अपनी जिंदगी में कोई भी फैसला लेने से पहले सोचना नहीं पड़ेगा कि आपका जीवन साथी इस पर क्या सोचेगा या उसको यह फैसला पसंद आएगा या नहीं। आप अपनी मर्जी के मालिक होंगे। बिना किसी शर्म या झिझक के कुछ भी कर सकते हैं।
  • आप अपने दोस्तों के साथ कहीं भी बाहर घुमने जा सकते हैं। आपको जरूरी नहीं होगा कि आप किसी को जानकारी दो। आपको कहीं भी जाने के लिए किसी से भी इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी। आपको ऐसा नहीं लगेगा कि आपका कोई इंतजार कर रहा होगा। आप खुद ही अपने आपके साथ है। आप अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी सकते हैं।
  • आपके साथ आपका साथी होता है, तो आपका सारा ध्यान उस के बारे में सोचने में लगा रहता है कि उसे क्या पसंद है क्या नहीं ? आपके दिमाग में यही सब चलता रहता है। लेकिन जब आप अकेले होते हैं तो आपके पास खुद के लिए बहुत समय मिल जाता है। आप अपने बारे में जान सकते हैं।
  • अगर हम अपनी जिंदगी में अपने कंधों पर बस खुद की जिम्मेदारी लें तो रोजमर्रा के कार्यों में बस अपने लिए ही वक्त होगा। जैसे आपको अपना ही काम करना है, अपना कमरा साफ, अपने ही कपड़े धोने है, अपने लिए खुद चाय बनानी है। साथ ही आपको अपनी चीजें किसी के साथ शेयर नहीं करनी पड़ेगी। अपनी जिंदगी में घटने वाली घटनाओं के लिए आप ही जिम्मेदार होंगे।
  • आप अपनी मर्जी के मालिक होंगे। आपको कब टीवी देखना है, कब चैनल बदलना है। सब आप पर निर्भर होगा, टीवी को लेकर कोई झगड़ा नहीं होगा। आप अपनी मर्जी से वक्त बिता सकते हैं।
  • अगर आप रात को देरी से घर आते है, तो आपको सफाई देने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने दोस्तों के साथ पूरी रात बाहर भी रह सकते हैं।
  • आप अपनी मर्जी का कुछ भी खा सकते हैं। चाहे वह रात की बची हुई सब्जी क्यों न हो। आप को किसी को भी डिनर पर ले जाने की जरूरत नहीं है, न ही डिनर ऑडर करने की जरूरत है और न ही किसी के लिए खाना पकाने की टेंशन। सबसे बड़ी बात आपको जज करने वाला कोई नहीं होगा।
  • आपको किसी को भी सॉरी, प्लीज, बोलने या उसे स्पेशल महसूस कराने की जरूरत नहीं होगी। अगर आप अपने आपसे प्यार करेंगे तो अपने अच्छे दोस्त बन जाएंगे।
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