भय्यूजी महाराज मां, पत्नी और बेटी को छोड़, इनके नाम कर गये प्रॉपर्टी

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इंदौर। देश के आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज की खुदकुशी से जहां पूरा देश सकते में हैं। तो वहीं उनके समर्थकों में भी शोक की लहर है। आध्यात्मिक संत के कथित तौर पर गोली मारकर आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को शुरुआती जांच में एक और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। भय्यू जी महाराज का जो सुसाइड नोट मिला  है । इससे  इस बात के संकेत मिलते हैं कि वो अपनी लाइफ में काफी तनाव से गुजर रहे थे, तो वहीं उन्होंने एक चौंकाने वाली बात भी लिखी है।

भय्यूजी महाराज ने सेवादार विनायक के नाम की प्रॉपर्टी

पुलिस के मुताबिक भय्यू जी महाराज ने अपने आश्रम, जायदाद और अपनी वित्‍तीय शक्‍तियों की सारी जिम्‍मेदारी अपने वफादार सेवादार विनायक को सौंपी हैं। उनके सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि उनके बाद आश्रम और उससे जुड़ी सभी वित्‍तीय शक्‍तियां उनके वफादार सेवादार विनायक ही उठाएंगे।

सुसाइड के वक्त विनायक था घर पर मौजदू

बतातें चलें कि विनायक पिछले 15 सालों से भय्यू जी महाराज की सेवा कर रहा था। जिस वक्त संत ने अपने आप को गोली मारी , उस वक्त विनायक घर पर मौजदू था। वह ही खून से लथपथ अपने मालिक भय्यू जी महाराज लेकर अस्पताल पहुंचा था ।  जिस वक्त डॉक्टरों ने भय्यू जी महाराज को मृत घोषित किया। उस वक्त उनकी बॉडी से लिपटकर रोने वाला विनायक ही था।

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मैं विनायक पर ट्रस्ट करता हूं: भय्यूजी महाराज

विनायक भैय्यूजी का सबसे करीबी रहे हैं।  सुसाइड नोट में भय्यूजी महाराज ने लिखा कि मैं विनायक पर ट्रस्ट करता हूं इसलिए उसे ये सारी जिम्मेदारी देकर जा रहा हूं और ये मैं बिना किसी दबाव के लिख रहा हूं। उसे भैय्यू जी का सबसे करीबी बताया जाता है। वैसे प्राथमिक जांच में यही कहा जा रहा है कि भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के पीछे पारिवारिक कलह है। फिलहाल पुलिस ने भय्यूजी महाराज का लैपटॉप, मोबाइल और डायरी को जब्त कर लिया है और उनके घर के लोगों से पूछताछ कर रही है।

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