वाराणसी फ्लाईओवर हादसा : शवों के लिए सौदेबाजी का वीडियो वायरल,आरोपी सस्पेंड

शवों के लिए सौदेबाजीशवों के लिए सौदेबाजी

वाराणसी। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा मंगलवार ढह गया । प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार ने अभी तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस हादसे में लोगों की मौत के बाद जहां पूरे देश में शोक की लहर है। तो इसी बीचबीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की मॉर्चरी  के वायरल वीडियो में शवों के लिए सौदेबाजी करता नजर आ रहा है। अस्पताल की मॉर्चरी में तैनात सफाई कर्मचारी ने मृतकों के परिजनों को शव देने के एवज में 200 रुपए की मांग की।

शवों के लिए सौदेबाजी का आरोपी सफाई कर्मचारी सस्पेंड

तो वहीं इस बीच हादसे के कुछ घंटे बाद अस्पताल में शव देने के बदले परिजनों से 200 रुपए मांगने का वीडियो वायरल हुआ है। भ्रष्टाचार में डूबे सिस्टम का वीभत्स चेहरा देखने को मिला, जहां एक सफाई कर्मचारी हादसे में मारे गए लोगों का शव देने के बदले परिजनों से 200 रुपए की मांगता दिखा। शवों के लिए सौदेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने आरोपी को सस्पेंड कर दिया है ।

शवों के लिए सौदेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बतातें चलें कि बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की मॉर्चरी में तैनात सफाई कर्मचारी ने मृतकों के परिजनों को शव देने के एवज में 200 रुपए की मांग की। जिसके बाद आक्रोशित परिजन भड़क गए। तो वहां मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल से इसका वीडियो भी बना लिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उधर, वीडियो के वायरल होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने सफाई कर्मचारी बनारसी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ये भी पढ़ें :-वाराणसी फ्लाईओवर हादसा : अब तक 18 मौत, चार अधिकारी निलंबित 

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रथम दृष्टया दोषियों को किया निलंबित

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने वाराणसी में पुल गिरने के मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के.आर सूडान को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी।इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सभी अधिकारियों को जल्द ही आरोप पत्र दिये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट

वहीं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह होंगे। समिति में जल निगम और सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने समिति से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है।

चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे की ईमानदारी से हो जांच: पूर्व सीएम अखिलेश

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि ‘मैं यहां योगी आदित्यनाथ सरकार सरकार से यह अपेक्षा करता हूं कि वाराणसी के इस हादसे में वह केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागेगी। इस मामले में सरकार से पूरी ईमानदारी से जांच की भी अपेक्षा है। उम्मीद है कि सरकार ईमानदारी से इस हादसे की जांच करवायेगी।’ उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे लोग घटनास्थल पर बचाव दल का हर संभव सहयोग करें।

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