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कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, बघेल की छुट्टी; पायलट को पंजाब की कमान

Sachin Pilot-Bhupesh Baghel

Sachin Pilot-Bhupesh Baghel

कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी बदल दिए हैं। पार्टी ने भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटाकर असम की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

संगठन में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी लगातार चर्चा में रही है। पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन को मजबूत करने और दोनों प्रमुख गुटों के बीच तालमेल बढ़ाने की कोशिश के तौर पर इस बदलाव को देखा जा रहा है।

नई सूची के मुताबिक रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी महासचिव बनाया गया है। इसके साथ उन्हें कर्नाटक के महासचिव प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर पहले की तरह काम करते रहेंगे। सभी नई नियुक्तियां पार्टी अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

पंजाब में लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थकों के बीच मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। जुलाई 2026 में आलाकमान ने वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा था, जबकि चन्नी को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद चन्नी खेमे की नाराजगी खुलकर सामने आई।

पंजाब कांग्रेस की बैठकों में कथित तौर पर ‘चन्नी जिंदाबाद’ और ‘बघेल गो बैक’ जैसे नारे भी लगे। कुछ मौकों पर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की स्थिति बनने की बात सामने आई थी।

भूपेश बघेल ने पंजाब में दोनों गुटों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर विवाद को सुलझाने की कोशिश की। हालांकि, कई दौर की कवायद के बावजूद संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हो सके। ऐसे में अब सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी देना कांग्रेस की नई रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

अब चुनौती पायलट के सामने होगी कि वे पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को कितना कम कर पाते हैं और आगामी चुनावी तैयारियों से पहले संगठन को एकजुट करने में कितनी सफलता हासिल करते हैं।

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