Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

शी जिनपिंग की तबीयत पर बड़ा दावा, BRICS से लौटते ही अस्पताल ले जाने की बात; आधिकारिक पुष्टि नहीं

नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर चीनी लोकतंत्र पार्टी (CDP) के चेयरमैन जी वानजुन ने बड़ा दावा किया है। वानजुन के मुताबिक, भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद चीन लौटे जिनपिंग को बीजिंग एयरपोर्ट से सीधे सैन्य हेलीकॉप्टर के जरिए बीजिंग 301 अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने दावा किया कि जिनपिंग को अस्पताल में आपातकालीन उपचार दिया गया।

वानजुन ने कथित प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह भी दावा किया कि जिनपिंग के चीन लौटने पर बीजिंग एयरपोर्ट पर सामान्य तौर पर होने वाला आधिकारिक स्वागत नहीं हुआ। उनके मुताबिक, एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद नहीं थे और कोई औपचारिक स्वागत समारोह भी नहीं हुआ। दावा है कि एयरपोर्ट से जिनपिंग को सीधे अस्पताल ले जाया गया।

BRICS के दौरान भी तबीयत बिगड़ने का दावा

जी वानजुन ने दावा किया कि नई दिल्ली में BRICS Summit के दौरान भी शी जिनपिंग की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। उनके मुताबिक, जिनपिंग के साथ मौजूद मेडिकल टीम ने उस समय उन्हें संभाला था। वानजुन ने इसी आधार पर दावा किया कि चीनी राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा कथित तौर पर तय कार्यक्रम से पहले समाप्त की।

हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चीन सरकार, बीजिंग 301 अस्पताल या किसी विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत की ओर से जिनपिंग के अस्पताल में भर्ती होने, आपातकालीन उपचार या सैन्य हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाए जाने की पुष्टि सामने नहीं आई है।

PM मोदी के गाला डिनर में शामिल नहीं हुए थे जिनपिंग

BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर में जिनपिंग शामिल नहीं हुए थे। उनकी अनुपस्थिति की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई थी।

शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में आयोजित भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।

फिलहाल जिनपिंग की सेहत को लेकर सामने आए दावों पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जब तक चीन सरकार या विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं होती, अस्पताल में भर्ती और आपातकालीन उपचार से जुड़े दावों को अपुष्ट दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Exit mobile version