उपसभापति के चुनाव में नीतीश कुमार से जानबूझकर हारे राहुल गांधी!

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नई दिल्ली। राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में कांग्रेस व यूपीए के उम्मीदवार हरी प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा। वहीं एनडीए व जदयू के साझा उम्मीदवार हरिवंश नारायण सदन के नए उपसभापति चुने गए हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि एनडीए के खिलाफ सभी विपक्षी दल बिखरे हुए दिखायी पड़े। जिसमें कुछ दलों की नाराजगी खुलकर सामने आयी। उसमें आम आदमी पार्टी का नाम भी शामिल है। वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार अपने नेता के लिए समर्थन जुटाने में कामयाब रहें।

बता दें कि केजरीवाल की पार्टी के अलावा, वाईआरएस कांग्रेस, पीडीपी ने राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए आज होने वाले चुनाव में हिस्सा नहीं लिया है। जिससे पहले से ही कमजोर दिख रही यूपीए को एक और बड़ा झटका लगा।

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उपसभापति के चुनाव में विपक्षी दलों की कांग्रेस से नाराजगी की वजह

राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में एनडीए की स्थिति कमजोर दिखायी पड़ रही थी। लेकिन पिछले तीन दिनों में एनडीए बाजी को पलट दिया। इसके पीछे उसकी सटीक राजनीति और कूटनीति रही वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस विपक्षी दलों को एकजुट करने में असफल रही। जहां एक तरफ एनडीए नीतीश कुमार के जरिए विपक्षी दलों को अपने समर्थन में लाने में कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस की तरफ से विपक्षी दलों से संपर्क करने की कोशिश नहीं की गयी। लिहाजा वोट एनडीए के पाले में चले गए और यूपीए को हार का सामना करना पड़ा।

इस दौरान वोटिंग का बहिष्कार करने वाली आम आदमी पार्टी का विरोध खुलकर सामने आया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद और आप नेता संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार हरिवंश का समर्थन करने के बिहार के सीएम नीतीश कुमार के अनुरोध को ठुकरा दिया है क्योंकि उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।

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वहीं इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चूंकि राहुल गांधी ने विपक्ष के उम्मीदवार के लिए आप से समर्थन नहीं मांगा है। ऐसे में उनकी पार्टी के पास आज होने वाले चुनाव का बहिष्कार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल मोदी को गले लगा सकते हैं, तो वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए केजरीवाल से समर्थन क्यों नहीं मांग सकते?’ बता दें कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में तीन सदस्य हैं।

विपक्षी दलों के वोट साधने में विफल रहे राहुल

इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार की वजह विपक्षी दलों की बेरुखी भी है। जहां एक तरफ एनडीए नीतीश कुमार के जरिए विपक्षी दलों को अपने समर्थन में लाने में कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस की तरफ से विपक्षी दलों से संपर्क करने की कोशिश नहीं की गयी। जिसमें विनय पटनायक बीजेडी भी शामिल है। नीतीश ने पटनायक से एनडीए उम्मीदवार को वोट करने की अपील की और वो तैयार हो गए। वहीं अगर कांग्रेस पहले ही बीजेडी, आम आदमी पार्टी, पीडीपी, वाईआरएस कांग्रेस को अपने पक्ष में कर लेती तो आज नतीजे कुछ और ही होते।

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