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योगी आदित्यनाथ के नाम बड़ा रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक CM रहने का गौरव

CM Yogi

CM Yogi

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समय के साथ सरकारें, चेहरे और सत्ता के समीकरण बदलते रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में एक नया और अटूट कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वे राज्य के इतिहास में सबसे अधिक समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन चुके हैं। उनके 54वें जन्मदिन के अवसर पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि राजनीतिक गलियारों और समर्थकों के बीच एक बार फिर गहरी चर्चा और उत्सव का विषय बनी हुई है।

सबसे युवा सांसद से सूबे के मुखिया तक का सफर

गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में अपनी सुदृढ़ धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान रखने वाले योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने राजनीति में भी बेहद कम समय में एक लंबी लकीर खींची है।

तीन दशक पुराना मिथक तोड़ा और रचा इतिहास

वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट (अहम मोड़) साबित हुआ। करीब तीन दशकों के बाद उत्तर प्रदेश की जनता ने किसी दल को लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत देकर सत्ता की चाबी सौंपी और योगी दोबारा मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही उन्होंने नोएडा जाने वाले मुख्यमंत्रियों की कुर्सी जाने के अंधविश्वास (मिथक) को भी पूरी तरह से तोड़ दिया।

पिछले वर्ष उन्होंने स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे गोविंद बल्लभ पंत के सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वे यूपी के इतिहास में सबसे दीर्घकालिक और निरंतर सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

‘अजय’ से ‘अजेय’ बनने की राह

गोरक्षपीठ से पिछले ढाई दशकों से जुड़े गिरीश कुमार पांडेय का कहना है कि योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने सूबे में राजनीति की पूरी परिभाषा ही बदल दी है। उन्हें किसी भी कार्य में ‘नंबर वन’ से कम कुछ भी पसंद नहीं है और इसके लिए वे स्वयं को पूरी शिद्दत से कार्ययोजनाओं में झोंक देते हैं। पीठ की परंपराओं के अनुरूप रूढ़ियों को तोड़ना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। राजनीति में कदम रखने के बाद से वे अपने संन्यास-पूर्व (मूल) नाम ‘अजय’ के ही अनुरूप चुनावी राजनीति में पूरी तरह से ‘अजेय’ साबित हुए हैं।

जहां एक ओर समर्थक उन्हें सुशासन, भारी निवेश और अपराध नियंत्रण का सबसे मजबूत चेहरा मानते हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल उनकी प्रशासनिक कार्यशैली और कुछ नीतियों पर लगातार सवाल भी उठाते रहे हैं। बहरहाल, राजनीतिक मतभेदों से परे यह तथ्य पूरी तरह निर्विवाद है कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की धरती पर जो रिकॉर्ड दर्ज कराया है, उसे भविष्य में चुनौती देना किसी भी राजनेता के लिए बेहद कठिन होगा। साल 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच योगी आदित्यनाथ वर्तमान में भाजपा के सबसे प्रभावशाली और कद्दावर नेताओं में शीर्ष पर गिने जा रहे हैं।

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