Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

पंजाब भाजपा को मिला नया नेतृत्व, केवल ढिल्लों ने संभाला कार्यभार

BJP state president Kewal Dhillon took charge

BJP state president Kewal Dhillon took charge

पंजाब भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष केवल ढिल्लों (Kewal Dhillon) ने चंडीगढ़ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर उन्होंने ‘सबका साथ-सबका विकास’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर पंजाब में आगे बढ़ेंगे। ढिल्लों ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सूबे में किसी भी भाजपा कार्यकर्ता या नेता के साथ कोई भी ज्यादती की गई, तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अब शहरों के साथ-साथ गांवों के लोगों ने भी पंजाब में भाजपा को जिताने का पूरा मन बना लिया है। वंदे मातरम गीत के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में ‘बोले सो निहाल’ और ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजते रहे।

समारोह में जुटे दिग्गज नेता और ‘डबल इंजन’ सरकार की मांग

इस गरिमामयी राजनीतिक कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान की उपस्थिति भी कार्यक्रम में विशेष चर्चा का विषय रही। समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के बाद अब भाजपा का अगला निशाना पंजाब है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी गलत नीतियों के कारण ही उनके राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पंजाब के विकास के लिए राज्य में डबल इंजन की सरकार बनाना बेहद जरूरी है।

कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला और ‘डोप टेस्ट’ की चुनौती

कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखे हमले किए गए। राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, क्योंकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राज्य में फैले नशे के मुद्दे पर बोलते हुए चुघ ने एक बड़ा दांव खेला और कहा कि नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का डोप टेस्ट करवाया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा के सभी नेता इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं और अब आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के नेताओं को भी इसके लिए आगे आना चाहिए। इसके साथ ही कार्यकारी प्रधान अश्विनी शर्मा ने भी बदलाव का दावा करते हुए कहा कि जो पंजाबी कभी भाजपा कार्यकर्ताओं को देखकर दरवाजे नहीं खोलते थे, आज वे ही सत्ता सौंपने के लिए आतुर हैं।

चुनावी गणित और सामाजिक भाईचारे का संदेश

केंद्रीय सचिव नरेंद्र रैना ने पार्टी के चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड का गणित समझाते हुए कहा कि जिन राज्यों में भाजपा का वोट शेयर 18 से 19 फीसदी के आसपास पहुंच जाता है, वहां पार्टी सरकार बनाने में सफल रहती है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब के भीतर भाजपा को 18.54% वोट मिले थे, जो इस बार सत्ता में आने का मजबूत आधार बनेंगे। दूसरी ओर, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आगाह किया कि विरोधी ताकतें (ISI) और दूसरी पार्टियां पंजाब में हिंदू और सिख भाईचारे को खत्म करने की ताक में हैं।

जाखड़ ने स्पष्ट किया कि पंजाब गुरुओं और पीरों की धरती है, इसे जात-पात के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि जो पार्टियां सूबे में जातिवाद का जहर बो रही हैं, उसका एकमात्र एंटी-डोज सिर्फ भाजपा है।

Exit mobile version