बोफोर्स: बीजेपी ने कांग्रेस से पूछा- कौन था वो पाकिस्तानी, जिसने राजीव गांधी से की थी मुलाक़ात

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दिल्ली। प्राइवेट जासूस माइकल हर्शमैन के बोफोर्स मामले में खुलासे के बाद स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। स्मृति  ने तत्कालीन दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने उसकी बोफोर्स घोटाले की जांच में रोड़े अटकाए थे। उन्होंने ये दावा हर्शमैन के उस इंटरव्यू का हवाला देते हुए किया है। जिसमें उन्होंने बोफोर्स मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन होने की बात कही थी।

ईरानी ने कांग्रेस से सवालिया अंदाज में कहा कि हर्शमैन के दावे के अनुसार वह पाकिस्तानी ना‍गरिक कौन है। जिसने राजीव गांधी से मुलाकात की। उसके दिए ब्रीफकेस में क्या था। ईरानी ने कहा कि इन सवालों का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि माइकल हर्शमैन ने ये भी दावा किया है कि उनको कई बार बोफोर्स पर घूस देने की कोशिश की गई और जान से मारने की भी धमकी दी गयी।

वहीं तत्कालीन वित्तमंत्री वीपी सिंह भी स्मृति के निशाने पर आये। उन्होंने कहा कि माइकल हर्शमैन ने दावा किया है कि उससे कॉन्टेक्ट उस समय के वित्त मंत्री वीपी सिंह ने किया। हर्शमैन के अनुसार वीपी सिंह उस समय कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों द्वारा किए जा रहे मनी लॉन्ड्र‍िंग के मामलों की जांच एक स्वतंत्र संस्था से करवाना चाहते थे। उन्होंने आगे बताया कि निजी जासूसी एजेंसी फेयरफैक्स के अध्यक्ष हर्शमैन ने दावा किया है कि जब वह इस मामले में बैंकों की छानबीन कर रहे थे। उस समय जांच में BCCI बैंक ऑफ क्रेडिट एंड कॉमर्स इंटरनैशनल नाम के बैंक का खुलासा हुआ। इसे एक पाकिस्तानी फाइनेंसर ने 1972 में बनाया था। इंटरनेट में जानकारी के मुताबिक यह बैंक वित्त‍िय क्राइम और कालाधन से संबंध रखती थी।

 

बता दे कि निजी जासूस माइकल हर्शमैन के इंटरव्यू में किये गए दावों के बाद ये मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में जांच करने पर विचार कर रही है। मंगलवार को सीबीआई की तरफ से इस मामले में कहा गया कि वह निजी जासूस माइकल हर्शमैन के दावों को ध्यान में रखते हुए बोफोर्स घोटाले के ‘‘तथ्यों एवं परिस्थितियों’’ पर विचार करेगी। सीबीआई सूचना अधिकारी एवं प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने एक बयान में कहा कि एजेंसी को बोफोर्स से जुड़े मामले के बारे में कुछ टीवी चैनलों पर माइकल हर्शमैन के इंटरव्यू से पता चला। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में जिन तथ्यों एवं परिस्थितियों का जिक्र किया गया है, सीबीआई उचित प्रक्रिया के तहत उन पर विचार करेगी। टीवी चैनलों ने हर्शमैन के हवाले से बताया था कि राजीव गांधी को जब ‘‘हमारे काम के बारे में पता चला’’ तो वह बहुत निराश हुए। इसके बाद उन्होंने एक न्यायिक आयोग का गठन किया। ताकि तत्कालीन वित्त मंत्री वी पी सिंह की ओर से ‘फेयरफैक्स’ की सेवाएं लेने की परिस्थतियों की जांच की जा सके।

 

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