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उन्हें मिर्ची लगे तो मैं क्या करूँ…. अखिलेश यादव पर बृजेश पाठक का तंज

Brijesh Pathak attacks Akhilesh Yadav

Brijesh Pathak attacks Akhilesh Yadav

भारतीय जनता पार्टी के नेता व उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया है। बृजेश पाठक ने मंत्री नरेंद्र कश्यप से संवाद करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखास्वास्थ्य मंत्री के रूप में साबित हो गये बेकार, अब वो बन गये पत्रकार… क्योंकि समय बिताने के लिए करना है कुछ काम; सरकार, संगठन, दल में तो पहले ही हुए नाकाम।

इसके जवाब में बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा जो युवराज होंगे, उन्हें मेहनतकश बुरे लगेंगे। जो झूठ के सौदागर होंगे, उन्हें संवाद बुरा लगेगा।समझ से परे है कि कुछ लोग संवाद और सच्चाई से इतना डरते क्यों हैं ?

एक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में यथासंभव लोकस्वास्थ्य को बेहतर कर रहा हूँ और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में संवाद चलाकर अपने लोककर्त्तव्य को निभा रहा हूँ l उन्हें मिर्ची लगे तो मैं क्या करूँ…. उप मुख्यमंत्री ने एकात्म मानववाद, अंत्योदय के प्रणेता स्व० पंडित दीनदयाल उपाध्याय , तत्कालीन जनसंघ अध्यक्ष स्व० पीतांबर दास , भारत रत्न, शिक्षाविद, राष्ट्र ऋषि स्व० नानाजी देशमुख एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान विचारक स्व० डॉ० राममनोहर लोहिया का संवाद करते हुए ऐतिहासिक पल” के फोटो को भी सोशल मीडिया पर डाला है।

आगे बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने लिखा पत्रकार होना गर्व की बात है l मैं तो लघु व्यक्ति और साधारण सामाजिक – राजनीतिक कार्यकर्ता हूं लेकिन हमारा गौरवशाली इतिहास साक्षी है कि जितने महान जननेता हुए हैं, लगभग सभी पत्रकार रहे हैं l पंडित दीनदयाल जी मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म निकालते थे l लोहियाजी हिंदी मासिक पत्रिका जन और अंग्रेजी मासिक पत्रिका मैनकाइंड के संपादक थे। संवाद और साक्षात्कार करना हमारी सनातन परम्परा है, वादे वादे जायते तत्वबोध। लोकनायक जयप्रकाश ने कहा था कि तानाशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं।

हमारे पत्रकार भाई और बहन हमारे समाज के कर्मयोगी हैं। उन्हें खलिहर बताना सभी पत्रकारों और मेहनतकशों का अपमान है। एक सार्थक साक्षात्कार में कितनी मेधा और मेहनत लगती है, ये हमारे पत्रकार साथियों से पूछिए।

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