बीबीएयू में नहीं बंद होंगे बीटेक कोर्स, बाम की बैठक 26 को

बीबीएयू
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लखनऊ। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बीबीएयू इस सेशन से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग, बीटेक कोर्स बंद करने जा रहा था। इसकी भनक जैसे छात्रों को लगी प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

आख़िरकार बीबीएयू प्रशासन अपने कदम पीछे खींचने को मजबूर

छात्रों का प्रदर्शन देख आख़िरकार बीबीएयू प्रशासन अपने कदम पीछे खींचने को मजबूर होना पड़ा। बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने गुरुवार को पत्र जारी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि विवि में संचालित कोई भी कोर्स बंद नहीं किया जायेगा। आगामी 26 मार्च को होने वाली बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट की बैठक में सुविधा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जायेगा। इसके अलावा  कोर्स संचालन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जायेगा।

 बीबीएयू ने कोर्स बंद करने पर एकेडमिक काउन्सिल लगा चुकी थी  मुहर

बतातें चलें कि बीबीएयू ने कोर्स बंद करने पर एकेडमिक काउन्सिल से मुहर भी लगवा दी थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क था कि इन कोर्सेस में घटते रुझान और पर्याप्त संसाधन न होने से इन्हें चलाना संभव नहीं है। बीबीएयू में बीटेक के तहत पांच स्ट्रीम संचालित होती हैं।  जिसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस शामिल हैं।  इन कोर्सेस में करीब तीन सौ सीटें हैं।  इन कोर्सेस को बंद करने का परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है।

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2013 से चल रहा है बीटेक

वीसी प्रो.  आरसी सोबती के कार्यभार ग्रहण करने के बाद साल 2013 से यूनिवर्सिटी में बीटेक कोर्स शुरू किया गया था।  पांच साल बीतने के बाद भी इन कोर्सेस में इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट के बेहतर मौके न होने से स्टूडेंट्स का रुझान इस कोर्स के प्रति कम होता जा रहा है।

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खाली रह गई थीं कई सीटें

बीते साल बीटेक में करीब 35 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गई थीं।  इस साल यूनिवर्सिटी का पहला बीटेक बैच पास हो निकल रहा है।  इसके बाद भी  यूनिवर्सिटी बीते चार सालों में स्टूडेंट्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट की व्यवस्था को सही नहीं कर सकी।  यूनिवर्सिटी के जानकारों का कहना है कि बीते साल जो स्टूडेंट्स एडमिशन भी  लिए थे, उनमें ज्यादा स्टूडेंट्स बैक पेपर देने के लिए दोबारा से एनरोल हुए थे।

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