• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

7 रुपये का हिसाब ना दे पाने पर चली गई थी नौकरी, 8 साल बाद कोर्ट ने किया बहाल

Writer D by Writer D
02/07/2023
in क्राइम, तमिलनाडु, राष्ट्रीय
0
Bus Conductor

Bus Conductor

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

चेन्नई। क्या कोई महज सात रुपये के लिए किसी को नौकरी से निकाल सकता है…चौंकिय मत! तमिलनाडु से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। मामला कुछ पुराना है लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला नया सा लगने लगा है। दरअसल, आठ साल पहले तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (विल्लुपुरम डिवीजन) ने एक बस कंडक्टर (Bus Conductor) को 7 रुपये के लिए नौकरी से निकाल दिया गया था।

वो भी इसलिए क्योंकि उसके कलेक्शन बैग की औचक निरिक्षण में 7 रुपये ज्यादा निकले थे। निगम ने कहा था कि इससे रेवेन्यू का लॉस हुआ था। मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को फटकार लगाते हुए उसकी तत्काल बहाली का आदेश दिया है। वकील एस एलमभारती ने इस पूरे मामले को उठाया और कहा कि वह बिना किसी फीस के इस मामले पर बहस करेंगे।

7 रुपये से कैसे होगा नुकसान

जस्टिस पीबी बालाजी ने 10 दिसंबर 2015 के बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करने से पहले कहा, किसी भी तरह से यह कल्पना नहीं की जा सकती कि 7 रुपये अधिक ले जाने से निगम के राजस्व को नुकसान हुआ होगा। दी गई सजा अपराध के प्रति बेहद असंगत है और यह अदालत की अंतरात्मा को झकझोर देती है। कोर्ट ने छह हफ्ते के भीतर अय्यनार की बहाली का निर्देश दिया।

अब इन गैंगस्टर्स को मिलेगी सजा-ए-कालापानी, NIA का गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी

कंडक्टर (Bus Conductor) के खिलाफ आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने एक महिला यात्री से टिकट का पैसा ले लिया था लेकिन उसे टिकट नहीं दिया था। जांच के दौरान उसके बैग में सात रुपये अतिरिक्त थे। इसलिए उसने निगम को नुकसान पहुंचाने वाला काम किया। वह एक जिम्मेदार कर्मचारी नहीं रहा। कंडक्टर (Bus Conductor) के वकील एलमभारती ने निगम के आरोपों को इनकार करते हुए कोर्ट में कहा कि अय्यनार ने सभा यात्रियों को टिकट दिया था।

एक महिला यात्री बस में चढ़ी और उसने उससे पांच रुपये में टिक खरीदा लेकिन उसका टिकट खो गया। जुर्माने से बचने के लिए उसने सारा दोष अय्यनार पर मढ़ दिया। कोर्ट ने कहा कि यह तर्क स्वीकार किया जाता है।

Tags: bus conductorcrime newsNational newsTamil nadu news
Previous Post

अब इन गैंगस्टर्स को मिलेगी सजा-ए-कालापानी, NIA का गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी

Next Post

धर्मस्थलों, विद्यालयों और हाईवे के पास की बंद होंगी शराब की दुकानें, सीएम योगी का निर्देश

Writer D

Writer D

Related Posts

President Murmu
Main Slider

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका… गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश

25/01/2026
Bhagat Singh Koshyari-cm dhami
राजनीति

भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान, उत्तराखंडवासियों के लिए गौरव का क्षण

25/01/2026
Padma Awards
Main Slider

पद्म पुरस्कारों का एलान, धर्मेंद्र (मरणोपरांत) पद्म विभूषण, ​देखें लिस्ट

25/01/2026
CM Dhami
राजनीति

CM धामी ने “आवाज़ सुनो पहाड़ों की” फिल्म फेस्टिवल 2026 में प्रतिभाग किया

25/01/2026
CM Dhami
Main Slider

गणतंत्र दिवस संविधान निर्माण का महापर्व है – मुख्यमंत्री

25/01/2026
Next Post
Liquor

धर्मस्थलों, विद्यालयों और हाईवे के पास की बंद होंगी शराब की दुकानें, सीएम योगी का निर्देश

यह भी पढ़ें

Ekta Kapoor

जॉन अब्राहम के बाद फिल्म निर्माता एकता कपूर भी आईं कोरोना की चपेट में

03/01/2022
Horoscope

13 अप्रैल राशिफल: इन जातकों को मिलेगा गणपती का आशीर्वाद

13/04/2022
Navdeep Rinwa

अभियान को सफल बनाने के लिए भागीदार बने, जिम्मेदार बनें: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

31/10/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version